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कब है हरितालिका तीज का व्रत? पंडित जी ने दूर किया तारीख को लेकर कन्फ्यूजन

Published: Sat, 12 Sep 2026 07:00 AM (IST)

पंडित रेवती कांत झा के अनुसार, हरितालिका तीज का व्रत 14 सितंबर सोमवार को चतुर्थी के संयोग के कारण विशेष ...और पढ़ें

चतुर्थी के शुभ संयोग से 14 सितंबर को सोमवारी तीज व्रत, विशेष फलदायी (AI Generated Image)

चतुर्थी के शुभ संयोग से 14 सितंबर को सोमवारी तीज व्रत, विशेष फलदायी (AI Generated Image)

HighLights

  1. हरितालिका तीज व्रत 14 सितंबर सोमवार को मनाया जाएगा।

  2. चतुर्थी के संयोग से यह व्रत विशेष फलदायी होगा।

  3. निर्जला उपवास रखकर शिव-पार्वती और गणेश की पूजा होगी।

संवाद सूत्र, चंडी। तीज का व्रत (हरितालिका तीज) सोमवार, 14 सितंबर को मनाया जाएगा। भादों तृतीया तिथि का आरंभ 13 सितंबर को हो जाता है, जो 14 सितंबर की सुबह सात बजकर 14 मिनट पर समाप्त होता है।

तत्पश्चात चतुर्थी का प्रभाव को लेकर बनी असमंजस की स्थिति को दूर करते हुए ज्योतिष और मुहूर्त सूत्र के जानकार चंडी के दयालपुर निवासी पंडित रेवती कांत झा ने बताया कि स्कंद पुराण और निर्णय सिंधु के अनुसार, 14 सितंबर सोमवार को ही तीज मनाया जाना उचित और विशेष फलदाई होगा।

उन्होंने इसका निर्णय मुहूर्त के सूत्र, तत्र चतुर्थीसहिता या तुसा तृतीया फलप्रदा। अर्थात, यदि तृतीया तिथि में चतुर्थी मिल गई है तो यह तीज व्रत विशेष फलदाई होगा।

तृतीया में हो रहा सूर्योदय

उन्होंने बताया कि सोमवार को सूर्योदय भी तृतीया में हो रहा है। इस कारण भी इसी तिथि को तीज मनाए जाने का विधान बताया गया है। इस दिन निर्जला उपवास रखकर देर शाम पूजा किया जाना उचित होगा।

उन्होंने बताया कि सोमवार को दोपहर में भगवान श्री गणेश जी की आराधना और शाम से रात तक तीज पूजन होगा।

पंडित रेवती कांत झा के अनुसार, सोमवारी तीज हर दृष्टिकोण से विशेष फलदाई है। उन्होंने बताया कि सुहागिन तीज का व्रत पति को दीर्घायु के लिए तथा कुंवारी योग्य वर पाने के लिए करतीं हैं। यह 24 घंटे का निर्जला व्रत है।

उन्होंने कहा कि इसमें गिली मिट्टी से पार्वती, शिव और गणेश की प्रतिमा बनाकर पूजा की जाती है। रात में जागरण किया जाता है। मंगलवार सुबह पारण का विधान बताया गया है।

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