बिहारशरीफ सदर अस्पताल में पेट में ही 3 नवजातों की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
बिहारशरीफ जिला अस्पताल में तीन नवजातों की गर्भ में ही मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

बिहारशरीफ सदर अस्पताल
HighLights
बिहारशरीफ जिला अस्पताल में तीन नवजातों की गर्भ में मौत।
परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।
अस्पताल उपाधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। जिला अस्पताल में सोमवार की रात भर्ती हुई तीन प्रसूतियों के शिशु की मृत्यु गर्भ में ही हो गई। तीनों के स्वजन ने चिकित्सक और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अस्पताल के उपाधिक्षक ने जांच के आदेश दिये हैं। बिहारशरीफ प्रखंड के विशुनपुर की प्रसूता आशु प्रियंका के स्वजन ने स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाया है।
कहा है कि चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी प्रसूता को देखने तक नहीं आए। मंगलवार सुबह करीब छह बजे छोटा ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया। स्वजन का दावा है कि यदि रात में ही ऑपरेशन किया जाता तो गर्भ में शिशु की मौत नहीं होती।
मरीज के बच्चे की धड़कन नहीं मिल रही थी
एकंगरसराय की रंजना बानो और बेन प्रखंड की खुशबू कुमारी के शिशु की गर्भ में ही मौत हो गई। इन दोनों मामलों में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर वीणा प्रभा ने बताया कि बेन की मरीज के बच्चे की धड़कन नहीं मिल रही थी। इसी कारण उसे जिला अस्पताल से रेफर किया गया था।
उनके अनुसार, संभवतः अस्पताल पहुंचने से पहले ही गर्भ में बच्चे की मौत हो गई थी। अल्ट्रासाउंड कराने के बाद सामान्य प्रसव कराया गया और मृत शिशु को बाहर निकाला गया।
बताया कि एकंगरसराय की रंजना बानो को भी कम समय में प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। उनके अनुसार, इस मामले में भी अस्पताल पहुंचने से पहले ही गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी थी।
परिवार के लोग सामान्य प्रसव कराने पर जोर दे रहे थे
वहीं, आशु प्रियंका के मामले में डॉक्टर ने बताया कि परिजनों को कई बार ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिवार के लोग सामान्य प्रसव कराने पर जोर दे रहे थे। इसी कारण स्थिति बिगड़ने की बात कही गई है। डॉक्टर ने रुपए लेने और लापरवाही के आरोप से स्पष्ट रूप से इनकार किया।
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। किसी स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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