हिलसा(नालंदा),निज प्रतिनिधि : शनिवार को अनुमंडल मुख्यालय हिलसा स्थित उपकारा के कैदियों के अंधविश्वास को दूर करने पहुंचे राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य भंते बुद्घ प्रकाश ने कहा कि तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक, ताविज, प्रार्थना एवं धार्मिक विश्वास पर इलाज करना कानूनी अपराध है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी अपने फै सले में ऐसा कहा है। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास के जाल में अनपढ़ ही नहीं पढ़े-लिखे लोग भी फंसे हैं। अंधविश्वास राष्ट्र के विकास में बड़ा बाधक है। इसके चक्कर में लोग आर्थिक एवं सामाजिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। अंधविश्वास भगाओ देश बचाओ अभियान पर निकले भंते बुद्घ प्रकाश ने कहा कि आज हम 21वीं सदी से गुजर रहे हैं और यह युग विज्ञान का है। ऐसे में टीवी चैनलों पर भी नजर सुरक्षा कवच, सिद्घ माला, सिद्घ अंगूठी, धन प्राप्ति यंत्रों का व्यापार अंधविश्वास के नाम पर चल रहा है। जो देश के करोड़ों होनहार बच्चों के भविष्य पर खतरा है। उन्होंने कैदियों को दो फीट की तलवार को मुंह में डालकर, तलवार से हाथ को काटकर, बिना माचिस के आग को जलाने जैसे दर्जनों करतबों को दिखाने के साथ उन तरीकों को बताते हुए कहा कि टोटका, भूत-प्रेत, डायन, तंत्र-मंत्र कमजोर दिमाग की उपज है और हर घटना के पीछे का कारण होता है। इस मौके पर जेल अधीक्षक मनोज कुमार के अलावे काराकर्मी व तमाम कैदी मौजूद थे।

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