मुजफ्फरपुर,जेएनएन। बालिका गृह यौन हिंसा मामले में जांच दर जांच कई तरह की बातें सामने आई। इसी कड़ी में 11 बच्चियों की हत्या का भी मामला सामने आया। लेकिन अब तक सीबीआइ ठोस साक्ष्य नहीं जुटा पाई है। साक्ष्य ढूढऩे को लेकर सीबीआइ कई बार एसकेएमसीएच पहुंचकर फाइल खंगाल चुकी है।

 गत दिनों एसकेएमसीएच पहुंची सीबीआइ ने पांच वर्षों में बालिका गृह से इलाज के लिए पहुंचीं बच्चियों के रिकार्ड को खंगाला। संबंधित चिकित्सकों को अधीक्षक प्रकोष्ठ में बारी-बारी से बुलाकर विभिन्न बिंदुओं पर काफी समय तक पूछताछ की। इसके पूर्व सीबीआइ की तरफ से यह दावा किया गया था कि यहां 11 मासूमों की हत्या कर दी गई थी। इसको लेकर सीबीआइ ने श्मशान घाट में भी खोदाई कराई थी, जहां से मानव कंकाल बरामद किए गए थे। कंकाल को जांच के लिए लैब में भेजा जा चुका है। लेकिन अब तक रिपोर्ट सीबीआइ को नहीं मिली है।

बिना पोस्टमार्टम के शव सौंपे जाने पर उठाए गए थे सवाल

जांच के दौरान सीबीआइ को यह भी पता चला कि बालिका गृह से पहुंची एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। लेकिन बगैर पोस्टमार्टम और बिना पुलिस को सूचना दिए शव सौंप दिया गया। इसको लेकर सीबीआइ ने सवाल उठाया था। इसमें कई चिकित्सकों की लापरवाही टीम के समक्ष उजागर हुई थी।

मिली बच्चियों की मौत की जानकारी

जांच के दौरान सीबीआइ को आधा दर्जन बच्चियों के बालिका गृह से अलग-अलग दिन पहुंचने की जानकारी मिली थी। इसमें तीन बच्चियों की मौत के बाद पोस्टमार्टम की बात सामने आई। वहीं तीन को इलाज के बाद छुट्टी कर दिए जाने की जानकारी मिली। टीम ने मरीजों को कब और किसके द्वारा अस्पताल लाया गया। किस चिकित्सक ने इलाज किया। इलाज के दौरान मरीज किस बीमारी से ग्रसित थी। क्या-क्या जांच व इलाज हुए आदि की पड़ताल की थी।

हस्ताक्षर का भी किया गया था मिलान

बीएचटी पर अंकित संबंधित चिकित्सकों के हस्ताक्षर का मिलान किया गया। मृत बच्ची के शव को किसे सौंपा गया जैसे कई बिंदुओं पर तहकीकात की गई थी। इस कड़ी में सीबीआइ टीम ने कई बार बाल संरक्षण इकाई के कार्यालय में फाइलें खंगालीं थी। केस के आइओ से भी कई बिंदुओं पर पूछताछ की थी। लेकिन सीबीआइ अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है।  

Posted By: Ajit Kumar

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