पश्चिम चंपारण, जेएनएन। जिले के मैनाटांड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित पानी टंकी बने पांच वर्ष हो गए। जो आज तक चालू नहीं हुआ। निर्माण के पांच वर्ष बाद भी लोगों के लिए यह जलमीनार परेशानी का सबब बन गया है। जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सांसद व विधायक का गाहे-बेगाहे आना जाना रहता है। लेकिन आज तक किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस जलमीनार की तरफ नहीं जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।

   जिला परिषद सदस्य अखिलेश्वर प्रसाद उर्फ झून्नू मुखिया, अशोक कुमार राम ने बताया कि वर्षो से जलमीनार बनकर तैयार है। लेकिन पांच वर्ष में जलमीनार एक बूंद पानी नहीं दे सका जिसके कारण प्रखंड वासियों को शुद्ध पानी नसीब नहीं हो रहा है। व्यवसायी मनीष कुमार गुप्ता, नागेंद्र प्रसाद ने बताया कि सरकार की योजना है कि सभी घरों में नल से जल पहुंचाया जाएं। लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। जबकि इसमें लाखों की लागत से जलमीनार विगत पांच वर्ष पूर्व बनकर तैयार हो चुका है।

   किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस जलमीनार की तरफ नहीं जाता है। ग्रामीण कहते हैं कि विकास के पैमाने का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रखंड मुख्यालय में नल से जल का यह हाल है। गांव में नल का जल का क्या हाल होगा। मैनाटांड प्रखंड मुख्यालय का जलमीनार का यह हाल है। लेकिन इसकी स्थिति से कोई भी अधिकारी जान बुझकर वास्ता नहीं रखना चाहता है।

  अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के इस अनदेखी से लोगों में खासी नाराजगी है। जिला परिषद सदस्य श्री झुन्नू ने बताया कि फरवरी माह में जिला परिषद की बैठक में कार्यपालक अभियंता द्वारा 15 दिनों के अंदर जलमीनार को चालू कर देने का वादा किया गया था। इसके लिए त्रिस्तरीय कमेटी का भी गठन किया गया था। अधिकारियों के नहीं आने के कारण आज तक ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।

 

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Posted By: Ajit Kumar

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