मुजफ्फरपुर, जेएनएन। भारत वैगन की करोड़ों की अनुपयोगी मशीनों की कबाड़ के भाव से बिक्री होगी। गुरुवार को ठीकेदारों ने भारत वैगन में रखीं अनुपयोगी मशीनों का जायजा लिया। इसके बाद इनकी कीमत तय की जाएगी। यहां दो दर्जनों से अधिक मशीनें अनुपयोगी हैं। कोचिंग डिपो के अधिकारी ने लिस्ट तैयार की है। ठीकेदारों के जायज लेने के बाद कीमत की सूची तैयार होगी। इसके बाद सोनपुर मंडल स्क्रैप मशीनों की बिक्री के लिए टेंडर निकलेगा। इसके बाद इनकी बिक्री कर करोड़ों की कमाई की जाएगी। 

 जानकारी के अनुसार सप्ताहभर पहले सोनपुर मंडल के डीआरएम ने भारत वैगन का निरीक्षण किया था। इस दौरान अधिकारियों को अनुपयोगी मशीनों को बेचने के लिए कवायद शुरू करने का आदेश दिया था। इसी पर ठीकेदारों ने स्क्रैप मशीनों का जायजा लिया। कोचिंग डिपो के अधिकारी ने कहा कि जिस डिवीजन को बेहतर मशीनों की जरूरत है उसे भेजा जा रहा है। स्क्रैप मशीनों की बिक्री की जाएगी। ठीकेदारों द्वारा कीमत तय होने के बाद टेंडर निकाला जाएगा। 

भारत वैगन परिसर में जेसीबी से हुई सफाई 

सोनपुर मंडल के डीआरएम के आदेश पर भारत वैगन परिसर में जेसीबी से सफाई की गई। इसकी जिम्मेदारी ठीकेदार को दी गई। इसमें लाख रुपये का खर्च होगा। वर्षो बाद भारत वैगन परिसर में जंगल की सफाई की गई। 

छंटनीग्रस्त कर्मियों ने किया प्रदर्शन 

 छंटनीग्रस्त कर्मियों ने भारत वैगन गेट पर जेसीबी को रोक कर प्रदर्शन किया। इससे कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल रहा। आरपीएफ जवानों ने कर्मियों को हटाया। इसके बाद जेसीबी को अंदर भेजा गया। भारत वैगन लेबर यूनियन के अध्यक्ष अमरेंद्र तिवारी ने कहा कि नियम के विरुद्व 24 कर्मियों का छंटनीग्रस्त कर दिया गया। अधिकारी कर्मियों से बातचीत भी नहीं कर रहे हैं। कर्मचारी करीब छह माह से धरना दे रहे हैं। रेलवे में समायोजन होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 

Posted By: Murari Kumar

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