मुजफ्फरपुर, जेएनएन। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को स्थानीय सेंट्रल जेल से दो सजायाफ्ता बंदियों को रिहा किया जाएगा। सरकार द्वारा बापू की 150 वीं वर्षगांठ पर बनाई गई योजना के अनुरूप बंदियों को लाभ दिया जाना है। शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा प्रशासन ने डीएम की अध्यक्षता वाली स्थानीय समिति द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है। बताया गया है कि इस सिलसिले में सरकार के स्तर पर तमाम प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों बंदियों को गांधी जयंती पर उनके कार्य-व्यवहार के आलोक में मुक्त किया जाएगा।

रिहा किए जानेवालों में दरभंगा व मधुबनी के बंदी

जिन लोगों को रिहा किया जाना है उनमें दरभंगा व मधुबनी के निवासी बंदी शामिल हैं। स्थानीय समिति ने दरभंगा के बहादुरपुर थानाक्षेत्र के अंदामा निवासी राजेश कुमार सिंह व मधुबनी के गंगा सागर निवासी बिरजू यादव की रिहाई का प्रस्ताव भेजा है। राजेश पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगा था। मामले में 20 जनवरी 2018 को चार साल के कारावास और पांच हजार के जुर्माने की सजा हुई थी।

वहीं बिरजू को गृहभेदन के आरोप में 02 जून 2015 को सात साल के कारावास और सात हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी। दोनों फिलहाल स्थानीय सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। इस बारे में कारा अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने कहा कि सरकार की योजना के अनुरूप स्थानीय स्तर पर समिति के निर्णय के बाद दो बंदियों की रिहाई का प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार के स्तर पर निर्णय लिए जाने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।

 

Posted By: Ajit Kumar

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