यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नहीं थम रहा AES का कहर : मुजफ्फरपुर में दो और बच्चों की मौत, 11 नए मरीज भर्ती
बिहार में एईएस से अब तक 142 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि 454 भर्ती हैं। वहीं सिर्फ मुजफ्फरपुर ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। मुजफ्फरपुर में एईएस ने 2012 का रिकाॅर्ड तोड़ दिया। अब तक इस बीमारी से 122 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि, विभिन्न अस्पतालों में 454 बच्चों को भर्ती कराया गया है। साल 2012 में 120 बच्चों की मौत हुई थी और 336 मरीजों को भर्ती कराया गया था। एसकेएमसीएच में बुधवार की सुबह दो और बच्चों की मौत हो गई। यहां छह नए मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है। पांच बच्चे केजरीवाल अस्पताल में लाए गए हैं। इससे पहले मंगलवार को चार मरीजों की मौत हो गई थी, जबकि 39 पीड़ितों को भर्ती कराया गया था।
बीमारी ने 2012 में लिया भयावह रूप
वर्ष 2012 में बीमारी ने भयावह रूप लिया। तीन सौ से अधिक बच्चे बीमार पड़े। इनमें 120 की मौत हो गई। एक साथ इतनी मौत ने सरकार को बेचैन कर दिया। अगले दो वर्षों में मौत का सिलसिला कुछ थमा। मगर, संख्या फिर भी डराने वाली रही।
मौत का आंकड़ा
वर्ष -मरीज -मौत
2010-59-24
2011-121-45
2012-336-120
2013-124-39
2014 -342 -86
2015 -75 -11
2016 -30- 04
2017 -09 -04
2018 -35 -11
2019 -454 -122*
* 11:30 तक अपडेट
लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप
