यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यह जंगलराज है और यहां वर्चस्व को लेकर हुई भिड़ंत में बाघ ने तेंदुए को मार डाला, जानें पूरी घटना
सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के सोहगीबरवा जंगल की घटना। बाघ को अपने इलाके में दूसरे की घुसपैठ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं।

पश्चिम चंपारण, जेएनएन। यह जंगल का कानून है। यहां के कायदे कानून कुछ हटकर हैं। जैसे बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है। ठीक वैसे ही जो ताकतवर जानवर होता है, जंगल में उसी का सिक्का चलता है। वीटीआर से सटे उत्तर प्रदेश के सोहगी बरवा वन्य जीव अभ्यारण्य के जंगल में वर्चस्व की लड़ाई में बाघ ने तेंदुए को मार डाला। शनिवार की दोपहर तेंदुए का सामना बाघ से हो गया।
बढ़ती बाघों की संख्या का परिणाम
खूनी संघर्ष का अंजाम यह हुआ कि बाघ के हमले में तेंदुआ मारा गया। दिन प्रतिदिन सिमटते जंगल एवं शिकार सीमित संख्या में होने के कारण बाघ अपने इलाके में दूसरे शिकारी की घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं करता है। लेकिन पेड़ पर चढऩे में कुशलता की वजह से तेंदुआ भी उसी इलाके में शिकार की टोह में लगा रहता है। शिवपुर रेंज कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वीटीआर में लगातार बढ़ती बाघों की संख्या से इस तरह की स्थिति बनी है। सोहगीवरवा वन्य जीव अभ्यारण्य के अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का पोस्टमार्टम कराकर शव का अंतिम संस्कार किया गया। दूसरी ओर, अटकले लगाई जा रही हैं कि तेंदुआ वीटीआर का है और भ्रमण करते हुए वह सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के सोहगी बरवा जंगल में प्रवेश कर गया।