पू.चंपारण, जेएनएन। मुजरिम छुपने की चाहे लाख कोशिश कर ले, एक न एक दिन उसकी हकीकत सामने आ ही जाती है। वर्ष 2005 में हुए मधुबन धमाके के संदर्भ में भी कुछ ऐसा ही हुआ। इसके आरोपित दो हार्डकोर नक्सलियों को अंतत: पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे। गिरफ्तार शशिभूषण पासवान और अशोक पासवान चिरैया प्रखंड के खड़तरी गांव के निवासी हैं। शशिभूषण नियोजित शिक्षक और अशोक पंचायत समिति सदस्य हैं। दोनों की नियुक्ति ने व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा दिया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

एएसपी अभियान हिमांशु शेखर गौरव और सिकरहना डीएसपी शिवेंद्र कुमार अनुभवी ने बताया कि दोनों के खिलाफ वर्ष 2005 में मधुबन धमाके के दौरान एसबीआइ पर हमला कर गार्ड रूपनारायण सिंह की हत्या के बाद उसकी दोनाली बंदूक और एक लाख 39 हजार 889 रुपये लूटने का आरोप है। इस बाबत बैंक के रोकड़पाल विजयशंकर खां ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

एएसपी ने बताया कि रविवार को खड़तरी पहुंचकर पहले दोनों की पहचान की गई। उस वक्त दोनों दुर्गापूजा में शामिल थे। फिर मध्य रात्रि में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। दोनों वास्तविक परिचय छिपाकर शिक्षक और जनप्रतिनिधि के रूप में समाज में सेवा दे रहे थे। छापेमारी के दौरान एएसपी अभियान हिमांशु शेखर गौरव, सिकरहना डीएसपी शिवेन्द्र कुमार अनुभवी, मधुबन एसएसबी कैंप के इंस्पेक्टर एन जगत ङ्क्षसह, चिरैया थानाध्यक्ष रामबाबू प्रसाद और मधुबन थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा आदि शामिल रहे।  

Posted By: Ajit Kumar

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