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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kudhni Assembly By-election: रिजल्ट पर इस फैक्टर की अनेदखी नहीं कर पाएगी कोई भी पार्टी

By Amrendra TiwariEdited By: Ajit kumar
Published: Sun, 06 Nov 2022 09:45 AM (IST)

Bihar Politics फिलहाल महागठबंधन व भाजपा दोनों के बीच खींचतान की स्थिति बनी हुई है। 2015 में भाजपा ने यहां ...और पढ़ें

कुढ़नी विधानसभा सीट सामान्य सीट है। प्रतीकात्मक फोटो
कुढ़नी विधानसभा सीट सामान्य सीट है। प्रतीकात्मक फोटो

मुजफ्फरपुर, [अमरेंद्र तिवारी]। कुढ़नी उपचुनाव को लेकर जिले का राजनीतिक माहौल गर्म है। पिछले विधान सभा चुनाव में भाजपा व जदयू एक साथ थे जबकि राजद ने अलग चुनाव लड़ा था। अब जब उपचुनाव हो रहा है तो राजद व जदयू साथ हैं। कुढ़नी विधानसभा सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। इस सीट पर पहले भी जदयू के विधायक जीते हैं। इस बार के चुनाव में अंदर ही अंदर जदयू की भी नजर है। इस सबके बीच मोकामा व गोपालगंज उपचुनाव का परिणाम आना है। इस परिणाम का असर भी इस सीट पर पडेगा। अगर दोनों सीटें भाजपा के पाले में गईं तो महागठबंधन के लिए भारी होगा। अगर महागठबंधन ने बाजी मार ली तो फिर यहां राजद को ताकत मिल जाएगी। मालूम हो कि राजद के कुढ़नी विधायक डा. अनिल सहनी की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद वहां उपचुनाव हो रहा है। पांच दिसंबर को वोटिंग और आठ दिसंबर को वोटों गिनती होगी।

महागठबंधन की दावेदारी पर फंसेगा पेच

उपचुनाव की घोषणा होने के बाद दावेदारी की होड़ लग रही है। राजद या जदयू किसका होगा उम्मीदवार, दोनों ओर से दोवेदारी चल रही है। दोनों दलों के दिग्गज पटना दरबार में दस्तक दे रहे हैं। उधर,भाजपा के ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं है।

मामूली अंतर से जीते थे राजद के अनिल सहनी

विधानसभा चुनाव 2020 में कुढ़नी सीट पर राजद के डा. अनिल सहनी ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी केदार प्रसाद गुप्ता को 712 मतों के अंतर से हराया। डा. सहनी को कुल 77,549 मत प्राप्त हुए हैं, जबकि दूसरे स्थान पर रहे केदार प्रसाद को 77,837 मत मिले। चुनाव परिणाम ने सबको चौंका दिया था।

2015 में भाजपा ने जदयू को हराया था

2015 में भाजपा उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता ने जेडीयू के मनोज कुमार सिंह उर्फ मनोज कुशवहा को हराया था। केदार प्रसाद गुप्ता को 73,227 वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहे जेडीयू उम्मीदवार मनोज कुमार सिंह को 61,657 वोट मिले थे। हार का अंतर 11,570 था। 2010 के चुनाव में भी इस सीट से जदयू के मनोज कुमार सिंह विधायक चुने गए थे। उन्होंने लोजपा के बिजेंद्र चौधरी को हराया था। जहां मनोज कुमार सिंह को 36,757 मत मिले थे, वहीं बिजेंद्र चौधरी ने 35,187 वोट हासिल किए थे। हार का अंतर 1,570 वोटों का था। 

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