मुजफ्फरपुर, जेएनएन। जिले के काजीइंडा स्थित तक्षशिला स्कूल के साथ राज्य के गया व बेगूसराय में शाखाओं को प्रबंधन ने बंद कर दिया है। इसकी जानकारी मिलते ही स्कूल के विद्यार्थी, उनके स्वजन, प्राचार्य व कर्मियों में हड़कंप मच गया। कोविड-19 जैसे वैश्विक संकट में इस तरह की कार्रवाई से स्कूल के साढ़े तीन सौ विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट आ गया है।

वहीं, प्राचार्य समेत कर्मचारियों की भी परेशानियां बढ़ गई हैं। इसको लेकर प्राचार्य राजेश्वर दुबे ने डीएम डॉ.चंद्रशेखर सिंह और डीईओ डॉ. विमल ठाकुर को सारी बातों की जानकारी देते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।

40 कर्मियों को एक साथ टर्मिनेट किया

बताते हैं कि तक्षशिला स्कूल कर्नाटक से संचालित होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी भी संस्थान को बंद करने से मना किया है। लॉकडाउन टूटने तक कर्मियों को पैसा देना है। लेकिन, प्रबंधन ने कानून को ताक पर रखकर इस तरह का फैसला ले लिया। प्राचार्य ने बताया कि डायरेक्टर ने पहले तो सबसे इस्तीफा मांगा, नहीं देने पर 14 अप्रैल को 40 कर्मियों को एक साथ टर्मिनेट कर दिया। ऐसे में बच्चों के भविष्य का क्या होगा? कुछ विद्यार्थियों के स्वजन भी मंगलवार को जानकारी के लिए स्कूल पहुंचे थे। वे हंगामे पर उतारू होकर गार्ड से उलझे।

कोविड-19 का अनुपालन करना संभव नहीं

प्राचार्य ने बताया कि सीबीएसई का यह स्कूल नर्सरी से कक्षा 10 तक संचालित था। प्रबंधक की ओर से आए ई-मेल में लिखा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का अनुपालन करना संभव नहीं है। स्वच्छता की वैसी व्यवस्था भी नहीं, ऐसे में स्कूल चलाना संभव नहीं है। इसलिए स्कूल को बंद किया जाता है। प्राचार्य ने डीएम को प्रबंधन के पत्र से अवगत कराते हुए बच्चों के भविष्य व कर्मियों के साथ न्याय की गुहार लगाई है।

जांच के बाद आगे की कार्रवाई

जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ. विमल ठाकुर ने कहा कि स्कूल का मेल देख नहीं पाया। पहले रजिस्ट्रेशन देखना होगा। उसके बाद आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी। लॉकडाउन में स्कूल पूर्णत: बंद है, फिर कर्मचारी को कैसे टर्मिनेट किया गया। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 

Posted By: Ajit Kumar

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