मधुबनी (झंझारपुर), जासं। पंचायत चुनाव के रंग अनोखे हैं। स्थानीय स्तर पर होने वाला यह चुनाव इस बार काफी रोचक हो गया है। यह चुनाव हमें यह दिखा रहा है कि जब राजनीतिक महात्वाकांक्षा जगती है तो रिश्ते भी मायने नहीं रखते। अगर ऐसा ना होता तो सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा करने वाले चुनाव में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी ना बनते, लेकिन ऐसा हो चुका है। झंझारपुर प्रखंड में ऐसे में मामले सामने आने के बाद चर्चाएं जोरों पर हैं, लोगों की दिलचस्पी चुनाव में बढ़ गई है।

जिला परिषद सीट पर पति-पत्नी आमने-सामने 

जिला परिषद क्षेत्र संख्या 50 से ब्राह्मण महासभा के संस्थापक अध्यक्ष ई. आशुतोष कुमार झा इस बार भाग्य आजमा रहे हैं। इसी सीट से उनकी पत्नी सिंपल झा ने भी नामांकन का पर्चा भर दिया है। दिलचस्प यह कि पति-पत्नी ने एक ही दिन अपना नामांकन किया और इनके पुत्र दोनों नामांकन में अपने माता और पिता के साथ दिखे। अब क्षेत्र में यह चर्चा है कि कहीं दंपती का एक-दूसरे के विरूद्ध नामांकन महज एक चुनावी स्टंट तो नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने तक दोनों में से कोई एक अपने कदम पीछे ले ले। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पति-पत्नी के एक-दूसरे के विरूद्ध चुनाव प्रचार को देखना दिलचस्प होगा।

मुखिया पद के लिए भी दंपती में प्रतिस्पर्धा 

इधर, नामांकन के अंतिम दिन मुखिया पद की दौड़ में एक पत्नी ने अपने पति को चुनावी मैदान में चुनौती देने के लिए नामांकन कर दिया। रैयाम पूर्वी पंचायत से मुखिया पद के लिए कविता मिश्र ने नामांकन किया है। इसी सीट पर उनके पति दयानिधि मिश्र नामांकन के पहले दिन ही अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। अंतिम दिन पत्नी के नामांकन करते ही पति ने भी दूसरे सेट में अपना नामांकन दाखिल कर दिया।

पूर्व विधायक की पत्नी व पुत्री भी मैदान में 

झंझारपुर के पूर्व विधायक गुलाब यादव की पत्नी व पुत्री भी इस बार पंचायत चुनाव में अपना भाग्य आजमाने को मैदान में उतर चुकी हैं। झंझारपुर से जिला परिषद क्षेत्र संख्या 49 से पूर्व विधायक की पुत्री बिंदु गुलाब यादव मैदान में उतरी हैं। वहीं, जिला परिषद क्षेत्र संख्या 50 से पूर्व विधायक की पत्नी अंबिका गुलाब यादव ने नामांकन कर अपनी दावेदारी पेश की है। ये दोनों क्षेत्र पूर्व विधायक की बेटी व पत्नी के नामांकन के बाद खासे चर्चा में हैं।