मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर से मंगलवार की देर शाम रद्दी कॉपियों को ट्रक पर लादकर ले जा रहे लोगों को छात्रों ने घेर लिया। इसके बाद हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पर विवि थानाध्यक्ष रामनाथ प्रसाद मौके पर पहुंचे और ट्रक को थाने पर लगवा दिया गया। इसके बाद वहां छात्रों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। चर्चा थी कि विवि में अवैध तरीके से कॉपियों को बेचा जा रहा है। अगर वैध तरीके से कॉपियों को बेचा गया और उनका उठाव कराना था तो दिन में ट्रक को क्यों नहीं निकाला गया। जानकारी के अनुसार सोमवार को एक ट्रक रद्दी निकाली गई थी। साथ ही मंगलवार को भी शेष को निकाला जा रहा था। इसी क्रम में छात्रों ने इसे पकड़ा। 

कोरोना को लेकर बंद है हॉस्टल तो कहां से आए छात्र

कोरोना को लेकर विवि और अन्य हॉस्टलों को बंद करने का आदेश दिया गया था। ऐसे में विवि परिसर में ट्रक को पकडऩे के लिए हॉस्टल के छात्र कहां से आए इसपर भी सवाल खड़ा हो रहा है। जबकि, विवि प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल को खाली करा दिया गया है। 

इस बारे में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल अजय कुमार राय ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर से रद्दी कॉपियों को नियम के अनुकूल हटवाया जा रहा है। इसकी निगरानी को कमेटी रहती है। पहले कमेटी के सदस्यों के सामने खाली ट्रक और उसके बाद रद्दी लदे ट्रक का वजन कराया जाता है। इसी को लेकर ट्रक निकल रहा था जिसे छात्रों ने रोका। इसके बाद कमेटी के सदस्य ने बात की और ट्रक को थाने पर लगवा दिया गया है। अगले दिन प्रक्रिया के बाद ट्रक को भेजा जाएगा। 

विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष रामनाथ प्रसाद ने बताया कि छात्रों  न टेंडर के नियम के विरुद्ध रद्दी को बेचने का हवाला देकर ट्रक को पकड़ा। इसके बाद उसे थाने पर रखा गया है। बुधवार को कागजातों की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया होगी। 

Posted By: Murari Kumar

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