पूर्वी चंपारण, जेएनएन। पटना से अपहृत छात्र मनीष रंजन को सोमवार को दोपहर मोतिहारी शहर के अम्बिकानगर मोहल्ला स्थित एक लॉज से मुक्त करा लिया गया है। इस मामले में आठ स्थानीय युवकों को भी हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए युवकों में चांदमारी का प्रिंस पाण्डेय भी शामिल है। अन्य युवकों के बारे में पता नहीं चल सका है। मुक्त छात्र के साथ सभी गिरफ्तार युवकों को पटना पुलिस अपने साथ ले गई है। पुलिस अधीक्षक नवीन कुमार झा ने इसकी पुष्टि की है।

 उन्होंने बताया कि पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी के नेतृत्व में पटना पुलिस की टीम यहां आई थी और मोतिहारी पुलिस के सहयोग से छापेमारी के बाद उसे मुक्त करा लिया गया। बताया गया है कि बक्सर जिला के चौस प्रखंड के पैक्स अध्यक्ष मनोज सिंह कुशवाहा का पुत्र मनीष रंजन तीन दिन पहले गुरूवार को बक्सर से पटना इंजीनियरिंग की परीक्षा देने आया था।

 इस दौरान परीक्षा खत्म होने के बाद शाम को 6 बजे मनीष ने अपने पिता से फोन पर बात भी की थी। उस समय वह पटना के पीएम मॉल के पास खाना खाने बैठा था। बाद में मनीष के दोस्त राघवेन्द्र ने उसके अपहरण की सूचना उसके पिता को दी थी। तब परिजनों ने पटना के पाटलिपुत्रा थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। राघवेन्द्र ने पुलिस को बताया है कि वह रेस्टोरेन्ट में खाना खा रहा था, इसी दौरान कुछ लोग गाड़ी से पहुंचे और मनीष का अपहरण कर लिया।

 पुलिस ने राघवेन्द्र को भी हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने अपहृत छात्र के सेलफोन का कॉल डिटेल निकालकर उसके आधार पर जांच पड़ताल शुरू की। लगभग 12 घंटे तक की कड़ी मशक्कत के बाद अपहृत छात्र के मोतिहारी में होने की जानकारी मिली। तब पुलिस ने काफी सतर्कता व गोपनीयत बरतते हुए अपहृत मनीष को मुक्त कराया औ आठ युवकों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।

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