मुजफ्फरपुर : बीएसएनएल के सेवानिवृत्त कर्मी कांटी के रामदेव राम के पेंशन खाते से फर्जीवाड़ा कर 22.40 लाख रुपये ट्रांसफर करने के मामले में एसएसपी जयंतकांत ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में पक्ष रखा। इस मामले के तीन आरोपितों की जमानत याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। इसमें एक आरोपित बीएसएनएल कर्मी संतोष आनंद की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट ने उन्हें पक्ष रखने के लिए तलब किया था। एसएसपी ने कोर्ट को बताया कि किस तरह से इस मामले में फर्जीवाड़ा किया गया। पंजाब नेशनल बैंक का अकाउंटेंट नीतेश कुमार ग्राहकों का डिटेल अपने लागिन में लेता था। इसे वह फ्राड गिरोह को शेयर करता था। फर्जी तरीके से डुप्लीकेट सिम बनाकर ग्राहकों के खाता से रुपये उड़ा लेता था।

यह है मामला : पिछले साल तीन जुलाई को बीएसएनएल के टेलीफोन मैकेनिक पद से सेवानिवृत्त कांटी थाना के शाहपुर निवासी रामदेव राम ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बीएसएनएल कर्मी संतोष आनंद व शहबाजपुर के प्रभात रंजन सहित अन्य को आरोपित बनाया था। उन्होंने कहा कि नगर थाना के जवाहरलाल रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में उनका पेंशन खाता है। उस खाता से उनका मोबाइल नंबर जुड़ा है। 24 जून 2021 को उनके मोबाइल का नेटवर्क गायब हो गया। अगले दिन उन्होंने बीएसएनएल के काउंटर पर संतोष आनंद से इसकी शिकायत की। इस पर उसने सिम खराब होने की बात बताई। नए सिम के लिए मांगने पर आधार कार्ड की फोटो कापी व अपना फोटो दे दिया। उसने नया सिम दे दिया और शाम छह बजे सिम चालू होने की बात कही। शाम चार बजे मोबाइल में नेटवर्क आ गया। इस तरह कई बार नेटवर्क गया और हर बार नया सिम दिया गया। जब वे दो जुलाई को पेंशन के रुपये की निकासी करने जवाहरलाल रोड स्थित पीएनबी की शाखा में पहुंचे तो पता चला कि उनके खाता से 29 जून को 20 लाख व 30 जून का 2.40 लाख रुपये की अवैध निकासी की जा चुकी है। पुलिस जांच में डुप्लीकेट सिम से बैंक खाता से रुपये उड़ाने वाले रैकेट का उद्भेदन हुआ। सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उनके खाते में 87 लाख रुपये मिले।

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