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मुजफ्फरपुर SKMCH में संवेदनहीनता की हद, कटी नाक लेकर तड़पता रहा 3 साल का मासूम; ऑन-ड्यूटी डॉक्टर गायब

Published: Sat, 17 Oct 2026 01:38 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता सामने आई, जहां नाक कटने से घायल तीन साल का बच्चा घंटों तड़पता रहा क्योंकि ड्यूटी पर तैनात ईएनटी डॉक्टर अनुपस्थित थे।

श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल

श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल

HighLights

  1. तीन वर्षीय शिवांश की नाक कटने से गंभीर चोट।

  2. एसकेएमसीएच में ड्यूटी पर डॉक्टर अनुपस्थित मिले।

  3. व्हाट्सएप पर मिले निर्देशों से हुआ प्राथमिक उपचार।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलता एक बेहद संवेदनशील मामला शुक्रवार रात श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (एसकेएमसीएच) में देखने को मिला। खेलने के दौरान ग्लास पर गिर जाने से गायघाट थाना इलाके के कमरथू गांव के संतोष कुमार के तीन वर्षीय शिवांस की नाक कट गई। 

खून से लथपथ बच्चे को लेकर स्वजन पहले गायघाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार या टांके (स्टिच) लगाने के बजाय उसे सीधे एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया। इसके बाद जब पिता लहूलुहान बच्चे को लेकर एसकेएमसीएच पहुंचे, तो वहां भी संवेदनहीनता की हद पार हो गई। 

इमरजेंसी में पर्चा कटाने के बाद भी स्वजन को करीब आधे घंटे तक ईएनटी विभाग के चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा। रात में ईएनटी विभाग में तैनात सीनियर रेजिडेंट डॉ. अकबर जमां और जूनियर रेजिडेंट डॉ. इमाम अंसारी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। चिकित्सक के इस रवैये के कारण तड़पते हुए बच्चे का मर्ज बढ़ता चला गया।

कंट्रोल रूम की खुली पोल, वाट्सएप पर हुआ इलाज  

लापरवाही का आलम यह था कि कंट्रोल रूम के मैनेजर ने पहले अस्पताल में चिकित्सक के मौजूद होने का दावा किया। जब सख्ती से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने चिकित्सक के उपलब्ध नहीं होने की बात स्वीकार की। इस बीच बच्चे की बिगड़ती हालत देख वहां मौजूद एक स्थानीय युवक आगे आया। 

उसने बच्चे के घाव और कागजात की फोटो मोबाइल से वाट्सएप पर किसी अन्य चिकित्सक को भेजी। वहां से मिले निर्देशों के आधार पर आखिरकार ड्रेसिंग कक्ष में बच्चे को प्राथमिक उपचार मिल सका।

12 अक्टूबर को इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण 

बता दें कि 12 अक्टूबर को अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया था। रोस्टर ड्यूटी के तहत कान, नाक व गला विभाग सीनियर रेजिडेंट डॉ. दिव्या भारती, हड्डी रोग विभाग के डॉ. निशांत कुमार के साथ ही जूनियर रेजिडेंट डा. इमरान अंसारी व सर्जरी विभाग के जूनियर रेजिडेंट डा. वेद भूषण ड्यूटी से गायब मिले थे। 

अधीक्षक को कान, नाक, गला के साथ आंख विभाग के चिकित्सक इमरजेंसी ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत मिली थी। इसके बाद उन्होंने इन चिकित्सक का एक दिन का वेतन कटौती के निर्देश दिए थे। फिर भी चिकित्सक ड्यूटी स्थल पर नहीं मिले।

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