‘अब मैं डॉक्टर बन जाऊंगा...’ बच्चे के एप्रन पहनते ही छलके माता-पिता के आंसू, SKMCH में नया सत्र शुरू
SKMCH मुजफ्फरपुर में एमबीबीएस सत्र 2026-27 के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम और 'व्हाइट कोट सेरेमनी' का आयोजन किया गया। इस दौरान ...और पढ़ें
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गुरुवार से जब नवनामांकित छात्रों की पढ़ाई शुरू हुई, तो पूरा माहौल भावनाओं से सराबोर हो गया।
HighLights
SKMCH में एमबीबीएस सत्र 2026-27 का ओरिएंटेशन और व्हाइट कोट सेरेमनी।
147 नए छात्रों ने सफेद कोट पहनकर डॉक्टर बनने का संकल्प लिया।
छात्रों के माता-पिता की आँखों में खुशी के आँसू छलक उठे।
केशव कुमार, मुजफ्फरपुर। SKMCH Muzaffarpur MBBS White Coat Ceremony: "पापा, देखा मैं अब डॉक्टर बन जाऊंगा..." यह महज एक वाक्य नहीं, बल्कि बरसों की कठिन तपस्या और संघर्ष के सफल होने का उद्घोष था।
मौका था श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय (SKMCH) में आयोजित एमबीबीएस सत्र 2026-27 के ओरिएंटेशन प्रोग्राम और 'व्हाइट कोट सेरेमनी' का।

नीट की कठिन परीक्षा, काउंसलिंग की लंबी उठापटक और तमाम प्रक्रियाओं को पार करने के बाद आखिरकार गुरुवार से जब नवनामांकित छात्रों की पढ़ाई शुरू हुई, तो पूरा माहौल भावनाओं से सराबोर हो गया।
सफेद कोट आते ही छलक पड़े आंसू
जैसे ही नवागंतुक छात्र-छात्राओं ने अपने कंधों पर सफेद कोट (White Apron) धारण किया, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लेकिन इस उल्लास के बीच कई आंखें ऐसी थीं, जो खुशी के आंसुओं से नम थीं।
अपने कलेजे के टुकड़े को डॉक्टर की पोशाक में देख कई माता-पिता अपने आंसू रोक नहीं पाए। पहली बार मेडिकल एप्रन पहनना वर्षों के उस सपने का सच होने जैसा था, जिसे इन अभिभावकों ने अपनी आंखों में संजोया था।
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147 नए छात्रों के चेहरों पर दिखा उत्साह
समारोह में नए सत्र के मुस्कान आजाद, मुस्कान प्रवीण, नफीस अहमद, नैन्सी कुमारी, नीरज कुमार गुप्ता, निधि कुमारी, नितीन वत्स, पंकज कुमार, राहुल, रजनीकांत समेत कुल 147 मेधावी छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
चिकित्सा शिक्षा की दहलीज पर कदम रखने वाले इन भावी डॉक्टरों के चेहरों पर एक तरफ जहां कड़ी मेहनत से सफलता पाने का गर्व था, वहीं दूसरी तरफ समाज सेवा और मानवता की रक्षा का संकल्प भी साफ झलक रहा था।
संस्थान के वरिष्ठ डॉक्टरों और प्राध्यापकों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और छात्रों को इस महान पेशे की गरिमा से अवगत कराया।
आत्मविश्वास और माता-पिता का आशीर्वाद
ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान जब छात्रों को विधिवत व्हाइट कोट पहनाया गया, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज और आत्मविश्वास में गजब का बदलाव देखने को मिला।
छात्रों ने कहा कि यह कोट सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति सेवा, निष्ठा और समर्पण का एक पवित्र संकल्प है। कई छात्र कार्यक्रम के तुरंत बाद अपने माता-पिता के चरण छूकर आशीर्वाद लेते दिखे, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं।
सेवा भाव बनाए रखने की अपील
श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. कुमारी विभा ने सभी नव नामांकित छात्रों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्राचार्या ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, "डॉक्टर का पेशा समाज में भगवान का दूसरा रूप माना जाता है, इसलिए हमेशा अपनी संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को जीवित रखें। आज से आपकी जिंदगी का एक नया और सबसे महत्वपूर्ण अध्याय शुरू हो रहा है।"
इस अवसर पर मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार, मनोचिकित्सक डॉ. संजय कुमार, फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार पाठक, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम कुमारी, एनाटॉमी विभाग की डॉ. शोभा कुमार, एफएमटी विभागाध्यक्ष डॉ. नीतीश कुमार और सर्जरी विभाग के डॉ. विजय भारद्वाज समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, चिकित्सक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
