एसकेएमसीएच में डॉक्टर समेत दो डेंगू संक्रमित, परिसर में फागिंग न होने से बढ़ा खतरा
Muzaffarpur Dengue Cases: श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (एसकेएमसीएच) मुजफ्फरपुर में एक चिकित्सक और एक महिला में डेंगू की पुष्टि ...और पढ़ें
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HighLights
एसकेएमसीएच में एक डॉक्टर और महिला को डेंगू।
अस्पताल परिसर में दो साल से नहीं हुई फागिंग।
गंदगी और जलजमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा।
केशव कुमार, मुजफ्फरपुर। SKMCH Dengue Cases: श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (एसकेएमसीएच) के माइक्रोबायोलाजी विभाग में बुधवार को हुई एंटीजन किट जांच में एक चिकित्सक और एक महिला में डेंगू की पुष्टि हुई है।
इसके बाद पूरे परिसर में हड़कंप मचा है। इलाज करने वाले चिकित्सकों के साथ छात्र और नर्सिंग स्टाफ में भी दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल और कालेज परिसर में जगह-जगह फैली गंदगी, जलजमाव और उगी बड़ी-बड़ी झाड़ियों के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
कालेज और अस्पताल के एमबीबीएस, पीजी, डीएनबी और नर्सिंग स्टूडेंट्स समेत तमाम चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी खौफ के साए में काम करने को मजबूर हैं।
परिसर की बदहाली पर आक्रोश और चिंता जताते हुए चिकित्सक व छात्रों का कहना है कि जब इलाज करने वाले ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो मरीजों की देखभाल कैसे होगी।
शाम ढलते ही पूरे अस्पताल परिसर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। हास्टल से लेकर वार्डों तक में मच्छरों की भरमार है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। मरीजों के स्वजन भी इस स्थिति से डरे हुए हैं और मच्छरजनित अगरबत्ती का उपयोग कर इलाज कराने को मजबूर हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अस्पताल और कालेज प्रशासन के पास अपनी फागिंग मशीनें होने के बावजूद पिछले दो वर्षों से परिसर में एक बार भी फागिंग नहीं की गई है।
आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण मशीनें धूल फांक रही हैं। संवेदनशील जगह पर जलजमाव और झाड़ियों का अंबार प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।
चिकित्सक समेत अन्य लोगों ने बताया कि समय रहते पूरे परिसर में सघन फागिंग, एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव और झाड़ियों की कटाई नहीं की गई तो स्थिति आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकती है।
उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। डेंगू की पुष्टि के बाद परिसर में इसको लेकर चिंता और बढ़ गई है।
मालूम हो कि जिले में डेंगू के 31 मामलों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की निगरानी और डेंगू को लेकर आवश्यक गतिविधियां जारी हैं। अब तक सबसे अधिक मामले मुशहरी प्रखंड में सामने आए हैं, जहां इस साल 16 मरीज मिल चुके हैं।
इसके बाद बोचहां और कांटी में दो-दो मामले सामने आए हैं। मीनापुर में तीन और मोतीपुर में एक मामला सामने आया है। अन्य मामलों की पहचान जिले के अलग-अलग हिस्सों में हुई है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. राजेश कुमार ने बताया कि एसकेएमसीएच और सदर अस्पताल में डेंगू वार्ड अलग से बनाए गए हैं। हर बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था है। डेंगू मरीज को भर्ती किए जाने पर चिकित्सक की निगरानी में इलाज की व्यवस्था अस्पताल प्रबंधक को करनी है।
