सीतामढ़ी/बोखड़ा, जेएनएन। दिल्ली अग्निकांड में सीतामढ़ी के मृतकों की संख्या बढ़ कर छह हो गई है। एक अन्य का दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे में दो परिवारों के आठ लोगों की मौत हुई है। इनमें छह सीतामढ़ी जिले के बोखड़ा प्रखंड के और दो मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड के उफरौलिया के हैं। मृतकों के परिजन शव लेने दिल्ली रवाना हो चुके हैं। गांव में वृद्ध और महिलाएं रह गई हैं। स्वजन के चीत्कार से इलाका दहल रहा है। आसपास के लोग पीडि़त परिवार का दर्द बांट रहे हैं। इसी बीच बोखड़ा सीओ अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बोखड़ा, बुधनगरा और झिटकी गांव पहुंच कर पीडि़त परिवार से जानकारी ली। इधर, तीनों गांवों में रविवार की सुबह से चुल्हा-चौकी बुझ गए हैं। स्वजन और ग्रामीण सोमवार को पूरे दिन दिल्ली से शव लाए जाने का इंतजार करते रहे। 

इस्लाम राईन के एक पुत्र, पोता और दो नाती की हुई मौत

दिल्ली के रानी झांसी रोड पर स्थित अनाज मंडी में रविवार सुबह तीन कारखानों में लगी आग की चपेट में आने से बोखड़ा के दो परिवारों की खुशियां छीन गईं। इनमें एक परिवार है बुधनगरा वार्ड एक निवासी इस्लाम राईन का, दूसरा परिवार है झिटकी निवासी ऐनुल का। बुधनगरा वार्ड एक निवासी इस्लाम राईन के एक पुत्र, एक पोता और दो नाती की मौत हो गई है। इस्लाम राईन के पुत्र गुलाब राईन (45) और दूसरे पुत्र आलमगीर राईन के पुत्र सह पोते दुलारे राईन (25) की मौत हुई है।

 इसके अलावा इस्लाम राईन के नाती सनाउल्लाह (19) और इनायतुल्लाह (20) भी इस हादसे में मौत का शिकार बना है। सनाउल्लाह और इनायतुल्लाह पास के गांव बोखड़ा वार्ड आठ निवासी निसारूल राईन के पुत्र थे। इस हादसे में झिटकी निवासी एनुल (65) और उनके दामाद बुधनगरा निवासी अब्बास राईन (27) की भी मौत हो चुकी है। अब्बास का साला झिटकी निवासी जुबैर मंसूरी दिल्ली के अस्पताल में इलाजरत है। वहीं जुबैर के ममेरे भाई मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना के उफरौलिया निवासी इस्लाम मियां के पुत्र राजू और इसराईल मियां के पुत्र बबलू की भी इस हादसे में मौत हो चुकी है

शव के गांव लाए जाने का इंतजार

रविवार की सुबह से ही बोखड़ा प्रखंड के बोखड़ा, बुधनगरा और झिटकी गांव मातम में डूबा हुआ है। दिल्ली से मोबाइल पर मिली मनहूस खबर के बार ग्रामीणों के सहयोग से स्वजन दिल्ली के लिए रवाना हुए। सोमवार को पूरे दिन गांव के लोग दिल्ली से शव लाए जाने का इंतजार करते रहे। साथ ही मोबाइल पर बात कर जानकारी लेते रहे।

दम घुटने से हुई मौत

दिल्ली में रह रहे लोग मोबाइल पर घटना की जानकारी दे रहे है। हादसे से संबंधित तस्वीर भी शेयर कर रहे है। झिटकी गांव के बसीरूल, बोखड़ा के नद्दाफ राईन और बुधनगरा के जफर ने बताया कि दिल्ली से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार अगर फैक्ट्री का मेन गेट खुला रहता तो दर्जनों लोगों की जान बच सकती थी। बताया कि जितनी मौतें जलने से हुई है उससे अधिक मौत दम घुटने के कारण हुई है। दिल्ली से मोबाइल पर बातचीत में बोखड़ा के खालिद ने बताया कि सीतामढ़ी के ज्यादातर मजदूरों की मौत दम घुटने से हुई है।

Posted By: Murari Kumar

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