मुजफ्फरपुर, जासं। जिले में प्राथमिक से मध्य विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण योजना के दो महीने का चावल गायब करने के विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पीएम पोषण योजना इफ्तेाखरुल जमां ने जिले के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों से जनवरी और फरवरी महीने में बच्चों के बीच चावल वितरण की पंजी तलब की है। डीपीओ ने परिवर्तनकारी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर बृजवासी की शिकायत का हवाला देकर मामले की जांच आगे बढ़ाई है। छह प्रखंड साधनसेवियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जानकारी के अनुसार, जनवरी और फरवरी महीने में मध्याह्न भोजन का चावल बच्चों को नहीं मिला, जबकि जिला से उसकी आपूर्ति की गई है। 

शिक्षक नेता ने कहा- जबरन प्रधानाध्यापकों से करा लिया जाता हस्ताक्षर

शिक्षक नेता वंशीधर बृजवासी ने कहा है कि चावल दिए बिना ही प्रधानाध्यापकों को धमकाकर उनसे हस्ताक्षर करा लिया जाता है। जनवरी और फरवरी महीने में अधिकतर प्रखंडों में चावल पहुंचा ही नहीं। डीपीओ से मिलकर मामले की जांच कराने की मांग की गई है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से अपील किया कि जिस तिथि में विद्यालयों को चावल उपलब्ध कराने संबंधी हस्ताक्षर पंजी में दर्ज है। उन तिथियों में वहां के मध्याह्न भोजन साधनसेवी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और संवेदक के मोबाइल का लोकेशन जांच कराई जाए। कहा कि जिले में पारू, औराई, कटरा और मुशहरी प्रखंडों में संवेदक को चावल वितरण की जवाबदेही दी गई थी। शेष 12 प्रखंडों में एमडीएम केआरपी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को संयुक्त रूप से सभी विद्यालयों में चावल पहुंचाना था, लेकिन चावल स्कूलों में पहुंचा ही नहीं। प्रशासन की ओर से कमेटी गठित कर इसकी जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।

एसकेएमसीएच में इलाजरत एक बच्चे में एईएस की पुष्टि

मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच में इलाजरत एक बच्चे में एईएस (एक्यूट इंसेफ्लाइटिस ङ्क्षसड्रोम) की पुष्टि हुई है। शिशु रोग विभागाध्यक्ष डा. गोपाल शंकर सहनी ने बताया कि दो साल के सत्यजीत कुमार में एईएस की पुष्टि हुई है। वह वैशाली जिले के लालगंज पटखौली का रहने वाला है। पीडि़त बच्चे की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। इसमें हाइपोग्लाइसीमिया की पुष्टि हुई है। यहां अबतक एईएस के 39 मरीज मिले हैं। इसमें 25 मरीज मुजफ्फरपुर के, चार मोतिहारी और चार सीतामढ़ी और एक अररिया, तीन वैशाली, एक बेतिया, एक छपरा के हैं। सीतामढी व वैशाली के एक-एक बच्चे की मौत इलाज के दौरान हुई है।  

Edited By: Ajit Kumar