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रक्सौल हल्दिया एक्सप्रेस वे की जमीन अधिग्रहण फाइल में 5 बड़ी खामियां, NHAI को लौटाया प्रस्ताव

By Babul Deep Edited By: Ajit kumar
Published: Sun, 03 May 2026 12:13 PM (IST)

Raxaul Haldia Expressway: रक्सौल हल्दिया एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव में मुजफ्फरपुर भू-अर्जन कार्यालय ने पाँच बड़ी तकनीकी खामियाँ पाई ...और पढ़ें

इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Raxaul Haldia Expressway: रक्सौल हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे परियोजना शुरू होने से पहले ही जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में तकनीकी अड़चनें सामने आ गई हैं।

मुजफ्फरपुर जिला भू अर्जन कार्यालय की जांच में अधियाचना में कई गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं, जिसके बाद प्रस्ताव को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सुधार के लिए वापस कर दिया गया है।

अधियाचना में मिलीं खामियां

जांच के दौरान सामने आया कि राइट्स लिमिटेड और इंजीनियर एडवाइजरी सर्विसेज की ओर से भेजी गई अधियाचना अधूरी थी। इसमें कई जरूरी दस्तावेज शामिल नहीं किए गए थे, जिससे प्रक्रिया आगे बढ़ाना संभव नहीं हो सका।

जरूरी दस्तावेजों का अभाव

भू अर्जन कार्यालय के अनुसार, मौजावार आरेखन नक्शा (ट्रेस पेपर) की तीन प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके अलावा रिविजनल सर्वे नक्शा की मूल प्रति भी गायब है। अर्जित की जाने वाली जमीन के खतियान की सत्यापित प्रति और प्रपत्र में विस्तृत ब्योरा भी नहीं दिया गया।

प्रशासनिक स्वीकृति की जानकारी नहीं

परियोजना से संबंधित प्रशासनिक स्वीकृत्यादेश की प्रति भी विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इसके बिना अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती।

पांच बड़ी त्रुटियों से अटका काम

भू अर्जन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन पांच प्रमुख त्रुटियों को सुधार कर संशोधित अधियाचना नहीं सौंपी जाती, तब तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। इस कारण परियोजना में देरी की आशंका जताई जा रही है।

72 गांवों में होना है अधिग्रहण

गौरतलब है कि इस एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए जिले के पांच अंचलों के 72 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इसका खाका पहले ही तैयार किया जा चुका है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण अब इसकी रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

एजेंसियों को दिया सुधार का निर्देश

जिला प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को सभी त्रुटियों को जल्द ठीक कर संपूर्ण अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि परियोजना को समय पर आगे बढ़ाया जा सके।