मुजफ्फरपुर, जेएनएन। उन्मादी हिंसा को लेकर पीएम को पत्र लिखने को लेकर अभिनेत्री अपर्णा सेन समेत 49 के खिलाफ केस बंद करने का आदेश के खिलाफ परिवादी सुधीर कुमार ओझा ने सीजेएम कोर्ट में विरोध पत्र दायर कराया है। न्यायालय ने इसे अभिलेख पर रखते हुए 11 नवंबर को सुनवाई की अगली तिथि निर्धारित की है।

लगाया यह आरोप

विरोध पत्र में अधिवक्ता ओझा ने आरोप लगाया कि अनुसंधानकर्ता व पुलिस के वरीय अधिकारियों ने अनुसंधान में उनके गवाह एवं अभिलेख का संकलन नहीं कर रहे हैं। अभियुक्त के मेल में आकर तथा राजनीतिक दबाव में इस मुकदमे में असत्य संबंधी अंतिम प्रपत्र दाखिल कर सकते है। परिवादी ने कोर्ट से आग्रह किया है कि उनके विरोध पत्र को परिवाद मानते हुए न्यायिक या सीबीआइ जांच कराई जाए। 

पुलिस जांच में मामला असत्य 

 सदर थाने में उन्मादी हिंसा को लेकर पीएम को पत्र लिखने में अभिनेत्री अपर्णा सेन समेत 49 फिल्मी कलाकारों और बुद्धिजीवियों के खिलाफ कोर्ट आदेश पर सदर थाने में दर्ज केस को एसएसपी ने जांच में असत्य पाया है। कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने के बाद पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी कर एसएसपी ने केस को बंद करने का निर्देश दिया है।

 मालूम हो कि स्थानीय अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा द्वारा 27 जुलाई को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एसके तिवारी के कोर्ट में दर्ज परिवाद की सुनवाई के बाद सदर थानाध्यक्ष को केस दर्ज कर मामले की जांच के आदेश दिए गए थे। इस मामले में अभिनेत्री सेन के अलावा अडूर गोपाल कृष्णन, शुभा दुग्गल, सुमित्रा चटर्जी, रेवती, कोंकणा सेन, श्याम बेनेगल, मणिरत्म व इतिहासकार रामचंद्र गुहा आदि को आरोपित किया गया था।ं 

Posted By: Ajit Kumar

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप