मुजफ्फरपुर : एलएस कालेज परिसर स्थित गांधी कूप और हेरिटेज दर्जा प्राप्त भवन को देखने के लिए मंगलवार को कई प्राध्यापक व विशेषज्ञों की टीम पहुंची। दोपहर में बनारस हिदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.दिलीप कुमार, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय वर्धा से सूरज पालीवाल और केरल से ए. मुरलीधरन सबसे पहले प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। यहां गांधीजी की चंपारण यात्रा की शुरुआत, कृपलानी जी व यहां के छात्रों से मुलाकात, आंदोलन की रुपरेखा के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद टीम के सदस्यों ने ड्यूक छात्रावास में जहां गांधीजी रुके थे उस कमरे को देखा। गांधी कूप पर स्नान के बाद जहां से चंपारण सत्याग्रह की आधारशिला रखी गई थी वहां लगे शिलापट का दीदार किया। उन प्राध्यापकों ने गांधीजी को नमन किया। कहा कि यह कालेज आजादी के आंदोलन की यादों को समेटे हैं। इसके ऐतिहासिक भवन की प्रशंसा की। कहा कि इसके संरक्षण के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए। प्राचार्य डा.ओपी राय ने बताया कि कालेज को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चुन लिया गया है। उम्मीद है कि इसके भवन को बचाया जा सकेगा। इसपर टीम ने प्रसन्नता व्यक्त की। प्राचार्य ने गांधी कूप के बगल में बन रहे पार्क से भी टीम को अवगत कराया। बताया गया कि यह टीम शहर के ही एक निजी कालेज के नैक मूल्यांकन के लिए पहुंची थी। इसी दौरान गांधीजी के बारे में जानकारी मिलने पर कूप व भवन को देखने यहां पहुंची थी। मौके पर पत्रकारिता विभाग के समन्वयक डा.राजेश्वर पराशर, डा.ललित किशोर के अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

Edited By: Jagran