पश्चिम चंपारण, जासं। बालीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और सनी देओल का बेटा बिहार के बेतिया में इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। इस वाक्य को सुनने के बाद आपके दिलो-दिमाग में एक साथ कई सवाल उठने लगे होंगे। मसलन, प्रियंका चोपड़ा-सनी देओल की शादी कब हुई? क्या प्रियंका चोपड़ा का कोई बेटा भी है? क्या प्रियंका चोपड़ा का बेटा इतना बड़ा हो गया कि वह..। इससे पहले कि आप सवालों के समंदर में गोते लगाने लगें, यहां साफ कर दूं कि मैं आपको किसी बालीवुड गासिप की कहानी नहीं सुनाने जा रहा हूं। यहां मैं बात कर रहा हूं बेतिया स्थित राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय के एक इंटरमीडिए के छात्र की शरारत की।

यह भी पढ़ें: करवा चौथ व्रत है बहुत ही विशेष, जानें सुहगिनों के महत्व की बातें

यह भी पढ़ें: Bihar Assembly by-election 2021: तेजस्वी का सीएम नीतीश पर ताबड़तोड़ हमला तो कन्हैया-चिराग पर मौन, कोई राज है इसमें गहरा

इंटरनेट मीडिया में शरारती छात्र की कापी वायरल

दरअसल, बिहार के अन्य जिलों की तरह ही पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय में भी इंटरमीडिएट सेंटअप की परीक्षा हुई। इसमें एक परीक्षार्थी ने शरारतन अपनी मां का नाम प्रियंका चोपड़ा और पिता का नाम सनी देओल लिख दिया। बाद में यह कापी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गई। लोग इस पर खूब कमेंट कर रहे हैं। इसका आनंद ले रहे हैं। दूसरों को फारवर्ड भी कर रहे हैं। साथ ही एक-दूसरे से सवाल भी कर रहे हैं कि क्या प्रियंका चोपड़ा-सनी देओल का बेटा बिहार से इंटर की पढ़ाई कर रहा है। हालांकि दैनिक जागरण इस कापी की सत्यता को प्रमाणित नहीं करता है।

सवाल के जवाब में लिखा: मास्टर ने नहीं पढ़ाया

उस परीक्षार्थी की शरारत का अंत वहीं पर नहीं हुआ। परीक्षा के दौरान एक सवाल पूछा गया था कि वह पुरातत्व से क्या समझता है। उसने लिख दिया कि यह मेरे मास्टर ने नहीं पढ़ाया है, मैं पुरातत्व से कुछ नहीं समझता हूं।

कालेज प्रशासन ने शुरू कर दी घटना की जांच

बहरहाल, कालेज प्रशासन ने घटना की जानकारी होने के बाद जांच शुरू कर दी है कि आखिर कापी इंटरनेट मीडिया तक कैसे पहुंची? इसके बाद जो किरकिरी हो रही है, उससे खुद को बचाने के उपाय में कालेज प्रशासन लग गया है। मनोरंजन की बात से इतर कुछ लोग इस घटना को सूबे की शिक्षा व्यवस्था को आईना दिखाने वाला बता रहे हैं। उनका मानना है कि जब बच्चों को पढ़ाया नहीं जाएगा और केवल परीक्षा ली जाएगी तो इस तरह की घटनाएं तो होंगी हीं। पढ़ाई से न केवल डिग्री मिलती है वरन जीवन में अनुशासन भी आता है। पढ़ाई के अभाव में बच्चे एक साथ दोनों चीजें खोते जा रहे हैं।  रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय, बेतिया के प्राचार्य राजेश्वर प्रसाद यादव ने कहा कि अभी तक यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। इंटरमीडिएट सेंटअप परीक्षा की कापी वायरल कैसे हुई ,इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी ।

Edited By: Ajit Kumar