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मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल अग्निकांड में 3 कर्मी जेल पहुंचे, अब मालिक पर भी गिरफ्तारी की तलवार

Published: Fri, 05 Jun 2026 01:29 PM (IST)

Muzaffarpur Prasad Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में आग लगने से छह मरीजों की मौत के मामले में पुलिस ...और पढ़ें

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संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। Prasad Hospital Fire: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल की आईसीयू में आग लगने से छह मरीजों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चिकित्सक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि जांच में अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की गंभीर लापरवाही सामने आई है।

वहीं अस्पताल के मालिक और निदेशक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि उनकी लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

Muzaffarpur City SP

कार्रवाई के बारे में जानकारी देते सिटी एसपी। फोटो सौ: वीडियो ग्रैब

सिटी एसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी

सिटी एसपी मो. मोहिबुल्लाह अंसारी ने वीडियो बयान जारी कर बताया कि अग्निशमन विभाग के अनुमंडल पदाधिकारी के आवेदन पर गुरुवार को ब्रह्मपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच के आधार पर अस्पताल के मेंटेनेंस हेड, एडमिनिस्ट्रेटर और आईसीयू में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि पूछताछ पूरी होने के बाद तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में इनकी लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है।

अस्पताल मालिक की भूमिका भी जांच के घेरे में

पुलिस अस्पताल भवन के निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी मानकों के अनुपालन की भी जांच कर रही है। सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि अस्पताल प्रबंधन ने निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया या मालिक की लापरवाही से हादसा हुआ, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अस्पताल के मालिक और निदेशक की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है।

ड्यूटी डॉक्टर, ठेकेदार और एडमिन गिरफ्तार

ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने प्राथमिकी के बाद अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. पंकज, मेंटेनेंस कांट्रैक्टर अमित कुमार और अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर रामकुमार को गिरफ्तार किया है।

थानाध्यक्ष विपिन रंजन ने बताया कि जांच में इन तीनों की भूमिका और लापरवाही सामने आई है। अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भूमिका की भी जांच की जा रही है तथा आवश्यक होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने शुरुआती चरण में करीब दस लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जांच के बाद तीन लोगों की मुख्य भूमिका पाए जाने पर उनकी गिरफ्तारी की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से बढ़ीं मुश्किलें

पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से यह संकेत मिले हैं कि अस्पताल प्रबंधन और ऑन-ड्यूटी स्टाफ की गंभीर लापरवाही के कारण मरीजों की जान गई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

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आईसीयू में मच गई थी अफरातफरी

यह दर्दनाक हादसा गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच अस्पताल की पांचवीं मंजिल स्थित आईसीयू वार्ड में हुआ था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि किसी मॉनिटर या वेंटिलेटर में शॉर्ट सर्किट होने के बाद एयर कंडीशनर यूनिट में विस्फोट हुआ, जिससे आग और धुआं तेजी से फैल गया।

आईसीयू वार्ड बंद और शीशे से सील होने के कारण कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर घने धुएं से भर गया। वहां भर्ती मरीज गंभीर हालत में थे और स्वयं बाहर निकलने में सक्षम नहीं थे।

स्वजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के बाद मरीजों को सुरक्षित निकालने के बजाय अस्पताल के कई कर्मचारी और स्टाफ मौके से चले गए, जिससे मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी।

उल्लेखनीय है कि इस हादसे में छह मरीजों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें कुछ की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।

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