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मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल, कहा- रिटायर्ड जज से कराएं जांच

By Sanjeev KumarEdited By: Ajit kumar
Published: Thu, 04 Jun 2026 01:32 PM (IST)Updated: Thu, 04 Jun 2026 01:45 PM (IST)

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल में हुए अग्निकांड का मामला अब राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग ...और पढ़ें

गुरुवार की सुबह इसी अस्पताल में लग गई थी आग। फोटो: जागरण

गुरुवार की सुबह इसी अस्पताल में लग गई थी आग। फोटो: जागरण

HighLights

  1. अस्पताल अग्निकांड मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा।

  2. सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग।

  3. दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।

संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Hospital Fire: ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड का मामला अब राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है।

अस्पताल में आग लगने से मरीजों की मौत के मामले को लेकर मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एसके झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), नई दिल्ली और राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना में याचिका दायर की है।

मानवाधिकार आयोग में याचिका 

अधिवक्ता एसके झा ने दोनों आयोगों के समक्ष दाखिल याचिका में घटना को अत्यंत गंभीर और मानवीय दृष्टि से चिंताजनक बताया है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर हुई इस घटना की निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

रिटायर्ड जज की निगरानी में हो जांच

याचिका में मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। अधिवक्ता का कहना है कि उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

मानवाधिकार अधिवक्ता ने आयोग से आग्रह किया है कि जांच में यदि अस्पताल प्रबंधन या किसी अन्य पक्ष की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाना जरूरी है।

गुरुवार को हुई दर्दनाक घटना

गौरतलब है कि गुरुवार सुबह ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल में अचानक आग लग गई थी। हादसे के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन इस घटना में कई मरीजों की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है और अब मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष भी पहुंच गया है।

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