मुजफ्फरपुर : लॉकडाउन के आदेश का अनुपालन कराने को शहर के विभिन्न चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती है। हर दिन आदेश के उल्लंघन में वाहन चलाने वाले व मास्क नहीं पहनने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बावजूद बाइक सवार दो अपराधी हथियार के साथ कैश वैन को लूटने को पहुंच गए। इस घटना ने पुलिस की तमाम सुरक्षा व चेकिंग व्यवस्था पर सवाल उठा दिया है। आखिर किस तरीके से पुलिसकर्मी डयूटी कर रहे हैं कि दिनदहाड़े हथियार लेकर बाइक सवार अपराधी बड़ी घटना को अंजाम देने को आ गए। इसकी भनक तक नहीं मिल सकी। हालांकि गार्ड ने साहस दिखाते हुए अपराधियों का मुकाबला किया। जिसके कारण अपराधी भाग निकले और वैन में रखे गए 88 लाख रुपये कैश सुरक्षित बच गया।

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कई दिनों से रेकी कर रहे थे अपराधी : स्थानीय लोगों ने बताया कि बाइक सवार बदमाशों को पूर्व में भी देखा गया था। उसकी गतिविधि संदिग्ध लगती थी। कहा जा रहा कि वैन के आने-जाने के समय को लेकर बाइक सवार दोनों बदमाश पिछले कई दिनों से रेकी कर रहे थे। पुलिस की इस पर कभी भी नजर नहीं पड़ी। गश्ती पदाधिकारी को हर दिन बैंकों की जांच करने का निर्देश है। थाने के पदाधिकारी बैंक में गए और रजिस्टर पर साइन कर निकल जाते हैं, लेकिन बाहर की गतिविधि पर कभी नजर नहीं डालते। अगर बैंक के समीप रुककर बाहर की गतिविधि पर नजर डालते तो शायद पहले ही अपराधियों को पकड़ा जा सकता था।

गार्ड को पुरस्कार देने की मांग

गोली लगने के बाद भी अपराधियों पर फायरिग कर बैंक के गार्ड विजय कुमार ने कैश को सुरक्षित बचा लिया। इसके लिए बैंक प्रबंधक और जिला प्रशासन के तरफ से गार्ड को समुचित पुरस्कार मिलना चाहिए, ताकि दूसरे गॉर्ड भी इससे प्रेरित हो सके। बिहार स्टेट सेंट्रल बैंक इम्प्लाइज यूनियन और बिहार स्टेट सेंट्रल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के महामंत्री सुनील कुमार सिंह और मृत्युंजय मिश्रा ने संयुक्त रूप से की है। जासं।

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