मुजफ्फरपुर में PM Awas Yojana वालों से 34 लाख की होगी वसूली, पैसा लेकर घर न बनाने पर कार्रवाई
Bihar Housing Scheme Recovery: मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की राशि लेकर घर न बनाने वाले 62 ...और पढ़ें

जिले के 11 प्रखंडों के 62 लाभुकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नीलामवाद दायर किया गया है।
HighLights
62 लाभुकों पर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की राशि बकाया।
मुजफ्फरपुर प्रशासन ने 34 लाख रुपये की वसूली के लिए नीलामवाद दायर किया।
बीडीओ को नीलामपत्र अधिकारी नियुक्त कर वसूली की प्रक्रिया तेज।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। PM Awas Yojana Muzaffarpur: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की राशि लेकर घर न बनाने वाले लाभुकों के खिलाफ मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
जिले के 11 प्रखंडों के 62 लाभुकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नीलामवाद दायर किया गया है।
कई बार दिया गया नोटिस
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से इन सभी लाभुकों को पहले कई बार नोटिस जारी किया गया था। आमसभा का आयोजन कर उन्हें मकान का निर्माण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया था। इसके बाद विभाग स्तर से लाल नोटिस भी भेजा गया।
34 लाख रुपये की वसूली
लगातार चेतावनियों के बावजूद लाभुकों द्वारा कोई रुचि न दिखाए जाने पर अब नीलामवाद की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। इन सभी 62 लाभुकों पर कुल मिलाकर करीब 34 लाख रुपये बकाया हैं, जिसकी वसूली अब सख्ती से की जाएगी।
बीडीओ बने नीलामपत्र अधिकारी
संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को नीलामपत्र अधिकारी नामित किया गया है। अब इनके द्वारा नियमित रूप से वादों की सुनवाई की जाएगी और राशि की वसूली की जाएगी। डीआरडीए निदेशक ने सभी अभिलेख तुरंत प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
सकरा में सबसे ज्यादा मामले
विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सकरा प्रखंड में सबसे अधिक 22 लाभुक हैं, जिन पर करीब 10 लाख रुपये बकाया हैं। मीनापुर में 15 लाभुकों पर 8.70 लाख और साहेबगंज में 7 लाभुकों पर 4.42 लाख रुपये की देनदारी है।
3 साल से अटका है काम
योजना के तहत प्रत्येक लाभुक को 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। राशि मिले तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मकान अधूरे हैं। अब बंदरा, बोचहां, कांटी, कटरा, मोतीपुर, सरैया और गायघाट के बकाएदारों से भी राशि वसूली जाएगी।
