मुजफ्फरपुर, जासं। पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) का तार मुजफ्फरपुर से जुलाई में तब जुड़ा जब पटना के फुलवारीशरीफ में पुलिस ने छापेमारी की। इस छापेमारी में सकरा थाना के बरियारपुर ओपी के खालिकनगर गौरीहार गांव के मो. मजहरूल इस्लाम का नाम भी पीएफआइ के प्रशिक्षक के रूप में सामने आया। आठ सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने मो.महजरूल इस्लाम के आवास व काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के माड़ीपुर में मो.इकरामुद्दीन के किराये के आवास पर छापेमारी की गई। इस छापेमारी में मो.मजहरूल इस्लाम की भाभी जरीना खातून की बैंक पासबुक व मो.इकरामुद्दीन के किराये के आवास से लैपटाप व किताब-कापियां एवं कागजात जब्त की गई। इस कागजात में कुछ लोगों का मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। एनआइए की छापेमारी के बाद से दोनों फरार है।

फुलवारीशरीफ मामले के 26 आरोपितों में मजहर शामिल

सकरा थाना के खालिक नगर गौरीहार गांव को मो.मजहरूल इस्लाम का नाम फुलवारीशरीफ में हुई छापेमारी में पीएफआइ के 26 आरोपितों में शामिल है। वह फुलवारीशरीफ टेरर माड्यूल से जुड़ा हुआ था। वह फुलवारीशरीफ में पीएफआइ की ओर से आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में भी भाग लिया था। वह पेशे से मौलवी है और मदरसा में पढ़ाता था। इसकी आड़ में वह पीएफआइ से जुडऩे वाले नए लोगों को प्रशिक्षण देता था। वह लंबे समय से अपने घर पर नहीं आता था। उसके स्वजन उसे पटना में रहने की बात बता रहे थे। स्वजन के अनुसार वह पिछली बकरीद को थोड़ी देर के लिए घर आया था। उसकी पत्नी के शिक्षिका व मुजफ्फरपुर में रहने की बात बताई गई। उसका एक भाई मो.हकीम है। वह दुबई में रहता है। दोनों के बीच बंटवारा हो चुका है।

कटरा थाना के पहसौल गांव का मूल निवासी है मो.इकरामुद्दीन

एनआइए के निशाने पर आया पीएफआइ से जुड़ा मो.इकरामुद्दीन मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना के पहसौल गांव का मूल निवासी है। वह माड़ीपुर में किराये के आवास में रहता था। वह इसी किराये के मकान में कोचिंग चलाता था। यहां बच्चों को दीनी शिक्षा दी जाती थी। एनआइए को आशंका है कि इसकी आड़ में वह पीएफआइ के नए काडर तैयार करता था।

टेरर फंडिंग व संपर्कों को तलाश रही एनआइए

एनआइए मो.मजहरूल इस्लाम को मिलने वाली टेरर फंडिंग तलाश रही है। इसकी जांच के लिए ही एनआइए ने उसकी भाभी की बैंक पासबुक जब्त की। वहीं मो.इकरामुद्दीन के किराये के आवास से जब्त लैपटाप व कागजात से उसके संपर्कों को खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोराना काल में व बाढ़ के समय मो.इकरामुद्दीन ने कटरा थाना क्षेत्र में जमकर राहत कार्य चलाया था। इसके पीछे उसकी असली मंशा व उसके इस कार्य में किन-किन लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाने वाले की एनआइए जांच कर रही है।

बहुत पहले बंद हो गए पीएफआइ के कार्यालय

बताया जा रहा है कि तीन-चार साल पहले शहर के काजीमोहम्मदपुर व ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के कई मोहल्ला में पीएफआइ का कार्यालय खुला था। इसी तरह के कार्यालय औराई व कटरा थाना क्षेत्र में खोला गया था। बहुत पहले ये कार्यालय बंद कर दिए गए। एनआइए की छापेमारी के बाद पीएफआइ से जुड़े लोगों के बारे में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं। 

Edited By: Ajit kumar

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