मुजफ्फरपुर, जासं। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए मुजफ्फरपुर रेलवे जंक्शन पर जितनी सतर्कता होनी चाहिए उतनी नहीं दिख रही। स्वास्थ्य विभाग की ओर स्टेशन के सभी मुख्य दरवाजे पर जांच टीम तैनात है लेकिन रेलवे की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं हो रहा। यही कारण है कि जंक्शन पर आने-जाने वाले आधे पैसेंजर की जांच हो पाती है और बाकी बिना जांच के ही गंतव्य की ओर निकल जा रहे। रेल अधिकारी के अनुसार जंक्शन पर प्रतिदिन तीन हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना होता है। पांच से सात सौ तक साधारण और आरक्षण टिकट कट रहे। विभिन्न ट्रेनों से यहां हजारों यात्री आते हैं। आरपीएफ व जीआरपी की ओर से ट्रेन आने पर पैसेंजरों को लाइन लगाकर जांच की व्यवस्था नहीं कराई जाती है, इसके कारण आधे से अधिक पैसेंजर बिना जांच के ही दूसरे-तीसरे दरवाजे से निकल जाते हैं। इनमें मजदूर वर्ग के लोग जांच से कतराते दिखते हैं। जागरूक व्यक्ति जांच के लिए सबसे आगे रहते हैं। 

कोरोना जांच टीम के इंचार्ज मनोज कुमार ने बताया कि जंक्शन पर जांच के लिए कुल छह जांच टीमें तैनात हैं। सातों दिन 24 घंटे दो टीम वेङ्क्षटग हॉल में दिन-रात जांच में जुटी रहती है। पूछताछ काउंटर के पास दो टीम रात दस बजे तक रहती है। बटलर के तरह से आने-जाने वालों लिए एक टीम वहां काम कर रही है। छह टीमें प्रतिदिन 14 से 15 सौ लोगों की आरटीपीसीआर और एंटीजन से करती है। इधर, स्टेशन पर जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव नहीं मिल रहे हैं। रविवार देर रात तक एक भी पैसेंजर को पॉजिटिव नहीं पाया गया। इधर नये स्टेशन डायरेक्टर ने सभी रेल यात्रियों की कोरोना जांच के आदेश दिए हैं।  

मृतक की मां को सौंपा चेक

मुशहरी (मुजफ्फरपुर) : प्रखंड अंतर्गत रजवाड़ा भगवान पंचायत के मानिकपुर निवासी शंकर सहनी के पुत्र सुधांशु कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। गुरुवार को विधायक मुसाफिर पासवान ने मृतक के घर जाकर उसकी मां माया देवी को सांत्वना देते हुए मुआवजे के चार लाख का चेक सौंपा। उनके साथ पूर्व मुखिया महावीर सहनी, वार्ड सदस्य भैरव सहनी, पूर्व वार्ड सदस्य वासदेव सहनी, जयनारायण सहनी, लखी सहनी आदि थे।

Edited By: Ajit Kumar