मधुबनी (बेनीपट्टी), जासं। केवाईसी के तत्वावधान में समाजसेवी स्व. नीरज कुमार झा की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी स्मृति में बेनीपट्टी प्रखंड के बलिया गांव में बलिया मीनी मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। मैराथन दौड़ में दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, मोतीहारी, सीतामढ़ी, बरौनी, समस्तीपुर सहित सात जिलों के 350 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। मैराथन दौड़ का उदघाटन चिकित्सक डॉ. पीआर सुल्तानियां तथा डॉ. अनीता झा एवं अंकुर काश्यप ने हरी झंडी दिखाकर किया।

तीन किलोमीटर के बलिया मीनी मैराथन दौड़ में प्रथम स्थान बेनीपट्टी के राम ठाकुर तथा द्वितीय स्थान बेगूसराय के गोविन्द कुमार को मिला, जबकि तृतीय स्थान पर मधुबनी बिठुआ के अभिषेक कुमार रहे। विजेता को 5100 रुपये का चेक एवं कप व मेडल प्रदान किया गया, जबकि उपविजेता को 3100 रुपये का चेक के साथ मेडल एवं कप प्रदान किया गया। चौथे स्थान पर बेगूसराय के अभिषेक, पांचवें स्थान पर धकजरी के अमर शर्मा, छठे स्थान पर मोतीहारी के विष्णु कुमार, सातवें स्थान पर सीतामढ़ी के कुंदन कुमार, आठवें स्थान पर बेगुसराय के नीतीश कुमार, नौवें स्थान पर दरभंगा के गणेश महतो और दसवें स्थान पर रहे बलिया के पिन्टू कुमार को मेडल व प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चार पूर्व सैनिक अशोक झा, कृष्णकांत झा, दिलीप ठाकुर, अरविन्द को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. पीआर सुल्तानियां ने कहा कि स्व. नीरज कुमार झा ने अपने अल्प आयु में सामाजिक क्षेत्र में ऐसा काम किया जिससे भुलाया नहीं जा सकता। उनके द्वारा अब तक किए गए अधूरे कार्य को पूरा किए जाने का हमें संकल्प लेना होगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजली होगी। वे समाज के विकास व युवाओं के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी डॉ. अनीता झा ने कहा कि स्व. नीरज कुमार झा समाज के विकास व युवाओं के लिए निरंतर आवाज उठाते रहे। अपने जीवनकाल में युवाओं के लिए सतत मार्गदर्शक का काम करते रहे। कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलकर युवाओं व समाज के विकास के लिए निरंतर जो संभव हो सकेगा, वह करूंगी। इस अवसर पर सुभाष झा, केवाईसी संयोजक पंकज झा, ईशा झा, रंजीत कुमार, प्रेमशंकर राय, संतोष झा, राकेश झा, पिन्टू साफी, दिलीप झा, दुर्गानंद झा, शशि झा, किसलय झा सहित अन्य लोगों ने विचार प्रकट किया। बलिया मैराथन दौड़ के अवसर पर मैं हूं नीरज की जयकार से गांव गूंज उठा था।