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बिहार, बंगाल, यूपी, असम से नेपाल तक फैला आर्केस्ट्रा का जाल, कहीं दोस्त तो कहीं रिश्तेदार बने सौदागर

By Ajay PandeyEdited By: Dharmendra Singh
Published: Sun, 18 Oct 2026 05:25 PM (IST)

Bihar human trafficking : उत्तर बिहार में नौकरी और पैसे का लालच देकर नाबालिग लड़कियों को आर्केस्ट्रा में जबरन काम ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. बीते एक साल में 173 नाबालिगों को मुक्त कराया गया।

  2. 38 आर्केस्ट्रा संचालक और बिचौलिये गिरफ्तार किए गए।

  3. नौकरी का लालच देकर आर्केस्ट्रा में जबरन काम कराते।

अजय पांडेय, मुजफ्फरपुर। नौकरी और रुपये का लालच देकर कम उम्र की लड़कियों का मानसिक-शारीरिक शोषण हो रहा। आर्केस्ट्रा या म्यूजिकल नाइट जैसे इवेंट ग्रुप में जबरन काम कराया जा रहा।

उत्तर बिहार में बीते एक साल में 173 नाबालिगों को मुक्त कराया गया है। इनके पुरुष मित्र, रिश्तेदार या इंटरनेट मीडिया पर मित्रता-पहचान करनेवाले ही इन्हें दलदल में फंसा रहे। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

बिहार से लेकर बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम और नेपाल से लड़कियों को लाया-पहुंचाया जाता है। सबसे अधिक मामले उन जिलों में सामने आए हैं जो नेपाल से सटे हैं। पूर्वी चंपारण में 75, मधुबनी में 65, पश्चिम चंपारण में 26 के अलावा सीतामढ़ी-शिवहर और दरभंगा से भी नाबालिगों को मुक्त कराया गया है।

इस दौरान 38 आर्केस्ट्रा संचालक और बिचौलिये गिरफ्तार किए गए। सर्वाधिक गिरफ्तारी मोतिहारी में 13 और मधुबनी में 12 हुई हैं। पश्चिम चंपारण में भी सात की गिरफ्तारी है। यह जाल आनलाइन प्लेटफार्म के साथ आफलाइन से भी जुड़ा है।

पटना, मुजफ्फरपुर, कटिहार, छपरा, चंपारण, मधुबनी, बेगूसराय में मानव तस्करों का बड़ा गिरोह सक्रिय है जो रेलवे स्टेशन या बस पड़ावों पर सक्रिय रहकर नाबालिगों को बहला-फुसलाकर आर्केस्ट्रा संचालकों तक पहुंचा देता है।

माॅल में नौकरी और रोज 500-700 कमाने का प्रलोभन

सीतामढ़ी में उत्तर प्रदेश और पश्चिम चंपारण की चार किशोरियों के साथ एक युवक पकड़ा गया था। किशोरियों को माल में नौकरी दिलाने और प्रतिदिन 500 से 700 रुपये कमाने का लालच देकर सीतामढ़ी बुलाया गया था।

आने के बाद आर्केस्ट्रा में काम का दबाव बनाया गया। विरोध पर मारपीट और शारीरिक प्रताड़ना की गई। 13 अगस्त, 2026 को कमरे में बंद किए जाने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी, तब मुक्त कराया जा सका। सभी को इंटरनेट चैटिंग प्लेटफार्म से जोड़ा गया था।

घर की आर्थिक स्थिति का पता लगाते, तब लालच देते

सीतामढ़ी निवासी बाल अधिकार कार्यकर्ता मुकुंद चौधरी बताते हैं कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क बहुत बड़ा है। यह केवल आर्केस्ट्रा ही नहीं, बंधुआ मजदूरी, बालश्रम, तस्करी कैरियर, रेड लाइट एरिया तक से जुड़ा है।

आर्केस्ट्रा की आड़ में मानव तस्करी व नाबालिगों का शोषण हो रहा। कई केसों में इनके रिश्तेदार या पहचान के ही शामिल होते हैं। ये उनकी आर्थिक स्थिति से वाकिफ होते हैं।

गरीबी से बाहर निकालने और रुपये कमाने का लालच देने पर किशोरियां आकर्षित हो दलदल में फंस जाती हैं। उनके जाननेवाले बिचौलिये की भूमिका में होते हैं। आर्केस्ट्रा संचालकों से 20 से 50 हजार तक में उनका सौदा कर लेते हैं।

दरभंगा के बहेड़ी से बरामद नाबालिग को एक महिला ने बेगूसराय से लाकर समस्तीपुर में बेचा था, बाद में उसे दरभंगा में आर्केस्ट्रा संचालक तक पहुंचा दिया गया। चंपारण व मधुबनी में अधिकतर मामलों में खरीद-बिक्री का ही मामला आया।

पूर्वी चंपारण पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात का कहना है कि मिशन वात्सल्य के तहत नाबालिगों की सुरक्षा, संरक्षण पुनर्वास व सर्वांगीण विकास के लिए पुलिस सक्रिय है। मधुबनी के वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार भी कहते हैं कि महिला संगठनों, एनजीओ और स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाती है।

1. शिवहर : 28 जुलाई, 2026 को तरियानी थाना क्षेत्र के सुमहूती बाजार स्थित आर्यन म्यूजिकल नामक आर्केस्ट्रा केंद्र पर छापेमारी कर दो किशोरियों को मुक्त कराया था। पूर्वी चंपारण के राजेपुर थाने के मदुआहां निवासी मनीष कुमार तथा उसकी सहयोगी बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ थाना क्षेत्र की चंदनसौर निवासी रिंकी कुमारी उर्फ रिंकी खातून को गिरफ्तार किया था।
2. दरभंगा : बहेड़ी से बेगूसराय की नाबालिग को मुक्त कराया गया था। इसमें बहेड़ी के भच्छी निवासी राधेश्याम लालदेव उर्फ कन्हैया, पत्नी ललिता देवी और दामाद बमबम को गिरफ्तार किया गया।
3. मोतिहारी : एक साल में 75 लड़कियों को आर्केस्ट्रा संचालकों के मुक्त कराया गया, सभी बंगाल की रहनेवाली थीं। एएचकी यू चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के माध्यम से इन्हें मुक्त कराया गया। 13 आर्केस्ट्रा संचालकों को गिरफ्तार कर जेल हुआ है।
4. बगहा : 22 अप्रैल, 2026 को चौतरवा थाने की पुलिस टीम ने चैनपुर पतिलार में हंगामा आर्केस्ट्रा ग्रुप के संचालक के घर छापेमारी कर गोरखपुर की दो किशोरियों को मुक्त कराया और संचालक अनमोल कुमार उर्फ अनमोल यादव को गिरफ्तार कर लिया।
5. मधुबनी : नेपाल, बंगाल एवं बिहार के विभिन्न जिलों की 65 नाबालिग व महिलाएं यहां से पिछले एक साल में मुक्त कराई गई हैं। मिशन मुक्ति फाउंडेशन, मधुबनी न्याय केंद्र, बिहार सेवा समिति तथा चाइल्ड लाइन के अधिकारियों ने मधुबनी पुलिस के साथ मिलकर काम किया।
6. बेतिया : यहां एक साल में 24 नाबालिगों को आर्केस्ट्रा संचालकों से मुक्त कराया गया है, सभी बंगाल एवं नेपाल की थीं। मुक्ति फाउंडेशन, चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के माध्यम से इन्हें मुक्त कराया गया।

आर्केस्ट्रा के साथ सीमाई क्षेत्रों से रेस्क्यू नाबालिग व बालिग को जिला बाल कल्याण समिति द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है। नाबालिग होने की स्थिति में उन्हें बालिका गृह में रखा जाता। सामाजिक स्तर पर जांच के बाद स्वजन को सौंप दिया जाता है। अन्य प्रदेशों के मामले में स्थानीय जिला बाल कल्याण समिति संबंधित राज्य की जिला बाल कल्याण समिति से संपर्क कर उन्हें सौंपती है, जहां से स्वजन तक पहुंचाया जाता है। जो नाबालिग आर्केस्ट्रा से रेस्क्यू की जाती हैं और घरवापसी के लिए तैयार नहीं होतीं, उनकी तीन महीने तक बालिका गृह में ही काउंसलिंग की जाती है। इसके बाद भी घर जाने को तैयार नहीं होने पर जिला बाल कल्याण समिति द्वारा पटना स्थित मोटिवेशन सेंटर भेज दिया जाता है।
-आरती कुमारी, जिला परियोजना समन्वयक, प्रयास, रक्सौल (पूर्वी चंपारण)

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