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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दरभंगा में क्षतिग्रस्त डिवाइडरों पर अब लगाया जा रहा पेंट, रेडियम का पता नहीं

By Dharmendra Kumar SinghEdited By:
Published: Fri, 19 Nov 2021 03:54 PM (IST)

Darbhanga news डिवाइडरों को रंगने में जुटे मजबूर रेडियम नहीं लगाए जाने से दुर्घटना की संभावना से नहीं किया जा ...और पढ़ें

दरभंगा में ज‍िले में क्षतिग्रस्त डिवाइडर पर अब चल रहा काम।
दरभंगा में ज‍िले में क्षतिग्रस्त डिवाइडर पर अब चल रहा काम।

दरभंगा, जासं। शहरी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर बनाए गए रोड डिवाइडर की रंगाई-पुताई का कार्य शुरू किया गया है। पिछले 12 नवंबर के अंक में दैनिक जागरण में Óशहरी क्षेत्र में जगह-जगह बनाए गए रोड डिवाइडर जानलेवा, हादसे के बाद भी नहीं चेत रहा प्रशासनÓ शीर्षक से प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने क्षतिग्रस्त डिवाइडरों की सुध ली गई है। हालांकि, डिवाइडर को उजले और काले रंग की पट्टी की पेंटिंग की जा रही है। ना तो रेडियम लगाया गया है ना ही किसी प्रकार का साइन बोर्ड ही लगाने की कवायद की जा रही है।

शहरी क्षेत्र के बाघ मोड़, बेला मोड़, अल्लपट्टी, दोनार सहित अन्य स्थानों पर वर्षों पूर्व बनाए गए डिवाइडर इतने खतरानक हो चुके है कि आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। कई डिवाइडरों के ऊपर का हिस्सा टूट गया है। उनमें लगा सरिया सड़क किनारे निकल चुका है। ये क्षतिग्रस्त डिवाइडरों से भी खतरानाक साबित हो रहे हैं। खासकर ठंड के दिनों में घने कोहरे के बीच दूर से चालक इन डिवाइडरों को नहीं देख पाते। स्पीड में गाड़ी के रहने के कारण जब तक चालक कुछ समझ पाते, तब तक गाडिय़ां डिवाइडरों पर चढ़कर क्षतिग्रस्त हो जाती है। कई मामलों में तो चालक व गाड़ी पर बैठे यात्री चोटिल भी हो जाते है। कई बार इन डिवाइडरों को दुरूस्त करने के लिए आम लोगों की ओर से जिला व नगर निगम प्रशासन का ध्यान भी आकृष्ट कराया जा चुका है। सबसे आश्चर्य की बात यह हैं कि मामला संज्ञान में रहने के बावजूद भी संबंधित विभाग मौन बना बैठा है।

स्थानीय अनिल बिहारी, श्याम सुंदर ठाकुर, रौनक ङ्क्षसह आदि ने बताया कि शहरी क्षेत्र में नगर निगम प्रशासन के क्रियाकलाप से जनता ऊब चुकी है। किसी भी स्तर पर निगम प्रशासन की कार्यशैली संतोषप्रद नहीं है। कोई सुनने वाला नहीं है। सरकार ने आईएएस अधिकारी को नगर आयुक्त का जिम्मा सौंपा है। लेकिन इसका लाभ शहरवासियों को नहीं मिल रहा है। डिवाइडरों पर रेडियम लगाना चाहिए। लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है। घने कोहरे में फिर से गाडिय़ां डिवाइडर से टकराकर क्षतिग्रस्त होंगी और नगर निगम प्रशासन मुंह देखेगा।