मुजफ्फरपुर, जेएनएन। आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभुओं को गोल्डेन कार्ड देेने में लापरवाही बरती जा रही है। कार्ड के निर्माण में लापरवाही बरते जाने पर सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद सिंह ने नौ प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से जवाब मांगा है। जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा पदाधिकारियों को जबाब तलब किया गया है उनमें औराई, बंदरा, कटरा, बोचहां, साहेबगंज, मीनापुर, मोतीपुर, सकरा एवं पारू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

सिविल सर्जन द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य कें्रद्रों को वीएलई के माध्यम से कैप लगाकर गोल्डेन कार्ड निर्गत करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन, नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों ने बहुत कम गोल्डेन कार्ड बनाया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई थी और कार्रवाई करने को कहा गया था। पत्र में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा गया है।

गोल्डन कार्ड जारी नहीं किए जाने से आयुष्मान भारत योजना को आरंभ करने के पीछे के सरकार के उद्देश्य को पूरा करने में असुविधा हो रही है। गरीबों का कल्याण नहीं हो रहा। उन्हें चिकित्सा की सुविधा हासिल करने के लिए अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं।  

Posted By: Ajit Kumar

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