दरभंगा, राघव झा। लॉकडाउन में रोज कमाने-खाने वालों की जिंदगी संकट में है। दो जून की रोटी नहीं जुटा पा रहे। ऐसे लोगों की मदद कर रहा दरभंगा का नेशनल सिंधी वेलफेयर। इसके सदस्य प्रतिदिन सुबह-शाम 200 गरीबों को भोजन करा रहे हैं। आपसी सहयोग से खर्च उठाते हैं। एक महीने से यह अभियान जारी है।

 मार्च में लॉकडाउन की शुरुआत के बाद नेशनल सिंधी वेलफेयर ने असहाय लोगों की मदद के लिए पहल की। इसे लेकर हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रतिदिन दो सौ लोगों को भोजन कराया जाए। इस पर रोजाना सात से आठ हजार खर्च होने का अनुमान लगाया गया। वेलफेयर के 20 सक्रिय सदस्य हैं। सभी दो सौ रुपये मासिक शुल्क देते हैं। इतनी कम रकम में भोजन कराना संभव नहीं था, तो चंदा एकत्र करने का निर्णय लिया। गरीबों को भोजन कराने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की गई।

 इसके बाद सिंधी व अन्य समाज के लोग सहयोग देने लगे। सामग्री जुटाने के बाद संस्था के भंडारी चौकी स्थित कार्यालय पर भोजन बनाया जाता है। इसके बाद सदस्य पैकेट तैयार करते हैं फिर बाइक से लेकर भोजन वितरण करने चल पड़ते हैं। खाने का वितरण शहर के कैदराबाद व लालबाग रैन बसेरा, मिर्जापुर, आयकर चौराहा, कटहल बारी, जंक्शन, बस स्टैंड आैर बेला मोर के पास होता है।

चार लोगों को रोजगार भी मिला

अध्यक्ष प्रकाश लक्वानी ने बताया कि सभी सदस्य व्यवसाई है। बढ़-चढ़कर मदद कर रहे। खाना बनाने में 4 लोगों को रोजगार भी दिया गया है। इन्हें प्रतिदिन पांच-पांच सौ रुपये दिए जाते है। भोजन पकाने, पैकेट बनाने और बांटने के दौरान सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है। सभी लोग मास्क लगाए रहते हैं। संरक्षक रमेश चावला का कहना है कि अभी गरीबों को मदद की जरूरत है। खाना वितरण में लगे सचिव अजय तलवानी व सह सचिव मयंक सिंह आदि का कहना है कि जरूरतमंदों की मदद से बड़ी खुशी कुछ भी नहीं।

Posted By: Murari Kumar

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