मुजफ्फरपुर बरौनी फोरलेन को बिहार सरकार की हरी झंडी, अब केंद्रीय कैबिनेट में मंजूरी का इंतजार
Bihar Government NOC NHAI Fourlane:बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन निर्माण के लिए एनएचएआई को एनओसी दे दी है, जिससे यह ...और पढ़ें

पिछले करीब 10 वर्षों से लंबित यह परियोजना अब जल्द पूरी होती दिख रही है।
HighLights
बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन को एनओसी दी।
परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट में भेजा जाएगा।
नए साल से फोरलेन और रिंग रोड का काम शुरू होगा।
बाबुल दीप, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Barauni Fourlane Project: बहुप्रतीक्षित मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन निर्माण को लेकर राज्य सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को एनओसी दे दी है।
पिछले करीब 10 वर्षों से लंबित यह परियोजना अब जल्द पूरी होती दिख रही है। राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद एनएचएआई डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भेजने की तैयारी में जुट गया है।
केंद्रीय कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव
संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर इस विस्तृत प्रस्ताव को अंतिम वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए केंद्रीय कैबिनेट में भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद एनएचएआई टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।
नए साल से इस फोरलेन का काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। 100 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर करीब 3200 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें दर्जनों पुल-पुलिया, अंडरपास और फ्लाईओवर शामिल हैं।
भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं
इस परियोजना के लिए एनएचएआई को नए सिरे से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वर्ष 1967-68 में एनएच निर्माण के समय ही पर्याप्त भूमि अधिग्रहित कर ली गई थी।
अब एनएचएआई के सामने मुख्य चुनौती सिर्फ मार्ग से अतिक्रमण हटाने की होगी। अतरदह-रामदयालु क्षेत्र में अधिग्रहित जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को खाली कराने के लिए संबंधित लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है।
5000 करोड़ का प्राक्कलन तैयार
शहर को भीषण जाम से मुक्ति दिलाने के लिए फोरलेन के साथ 17 किलोमीटर लंबा रिंग रोड भी जोड़ा गया है।
दोनों परियोजनाओं पर मिलाकर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च होने का प्राक्कलन है, जिसमें रिंग रोड पर करीब 1800 करोड़ खर्च होंगे।
रिंग रोड बनने से समस्तीपुर और हाजीपुर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे रामदयालु चौक पर ट्रैफिक का दबाव काफी घट जाएगा।
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