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Muzaffarpur Weather Update : अगले 24 घंटे मौसम को लेकर अहम, शहर में बढ़ी परेशानी, किसानों के चेहरे खिले

Published: Sun, 27 Sep 2026 02:17 PM (IST)

चक्रवाती तूफान के कारण हुई बारिश से मुजफ्फरपुर के किसानों को धान की फसल के लिए राहत मिली है, जबकि ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। चक्रवाती तूफान के असर से हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर राहत ला दी, लेकिन शहर में जनजीवन की रफ्तार थाम दी।

रविवार की सुबह मुजफ्फरपुर में मौसम ने करवट ली और बारिश की रफ्तार थमने लगी। अब अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से अहम हैं। सोमवार से मौसम साफ होने का अनुमान है, हालांकि अगले चार दिनों तक आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं।

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अनुसार इस दौरान अधिकतम तापमान 23 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

मौसम विज्ञानी एवं ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल पदाधिकारी डा. ए. सत्तार ने बताया कि चक्रवाती तूफान के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण मौसम में बदलाव आया है।

मुजफ्फरपुर के अलावा सीवान, गोपालगंज, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के कुछ स्थानों पर गरज के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए लाभदायक है।

सितंबर में बारिश ने संभाली स्थिति

जून से अगस्त तक जिले में बारिश सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम रही। सितंबर में स्थिति कुछ सुधरी और वर्षा औसत के करीब पहुंच गई।

जिला कृषि विभाग के अनुसार 25 सितंबर तक जिले में 174 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। सितंबर का वास्तविक औसत वर्षापात 158.54 मिलीमीटर है। सामान्य वर्षापात 208.8 मिलीमीटर है। इस तरह सामान्य की तुलना में सितंबर की बारिश करीब 8.89 प्रतिशत कम है।

जून से अगस्त तक रहा सूखे का असर

जून में सामान्य 164.1 मिलीमीटर के मुकाबले सिर्फ 72.89 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 55.58 प्रतिशत कम थी। जुलाई में 304.8 मिलीमीटर के मुकाबले 153.85 मिलीमीटर और अगस्त में 292.7 मिलीमीटर के मुकाबले 147.91 मिलीमीटर वर्षा हुई। दोनों महीनों में बारिश सामान्य से करीब 49 प्रतिशत कम रही।

लगातार कम बारिश से खरीफ फसलों पर संकट गहराया था। अब सितंबर के आखिरी दिनों में हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है। खासकर धान की फसल के लिए यह बारिश लाभदायक बताई जा रही है।

सकरा में सबसे अधिक, पारू में सबसे कम बारिश

सितंबर में अब तक सकरा में सबसे अधिक 245.20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मुरौल में 242.40, साहेबगंज में 213.60 और कटरा में 212.60 मिलीमीटर वर्षा हुई। पारू में सबसे कम 88.20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

बंदरा में 91, औराई में 103.80, बोचहां में 154.80, गायघाट में 122.40, कुढ़नी में 151, मड़वन में 150, मीनापुर में 122.40, मोतीपुर में 131.40, मुशहरी में 164.20, सरैया में 140 और कांटी में 149.20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

धान को मिली संजीवनी

जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने बताया कि मानसून अभी सक्रिय है। पिछले दिनों हुई बारिश से धान की फसल को फायदा हुआ है। हथिया नक्षत्र में बची फसलों को इस बारिश से काफी राहत मिली है।

जून से अगस्त तक हुई बारिश की कमी की पूरी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सितंबर की बारिश ने खेतों की स्थिति को काफी हद तक संभाला है। किसानों को सिंचाई के लिए डीजल अनुदान समेत अन्य स्तरों पर भी सहयोग दिया जा रहा है।

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