मुजफ्फरपुर/ समस्तीपुर, जासं। जिला समेत पूरे उत्तर बिहार के लोग पिछले तीन दिनों से जारी गर्मी से परेशान हैं। खासकर उमस वाली गर्मी से। मानसून के आगमन के बाद भी उसकी सक्रियता नहीं होने की वजह से तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। गर्मी से परेशान चल रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने राहत की खबर सुनाई है। डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम विभाग तथा एक्यूवेदर की ओर से जारी मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि आज दोपहर बाद से मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। शाम से लेकर रात तक बारिश हो सकती है।

रात में गरज के साथ बारिश

शनिवार की सुबह की बात करें तो आसमान पूरी तरह से बादलों से ढंका हुआ है। 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा चल रही है। सुबह का तापमान 28 डिग्री है। शुक्रवार की तुलना में थोड़ा कम है। दिन चढ़ने के साथ ही तापमान में बढ़ोतरी होगी, लेकिन पैटर्न में बदलाव नहीं होगा। दिन में अधिकांश समय बादल ही छाए रहेंगे, इसलिए धूप कम ही होगी। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव शाम के बाद नजर आएगा। रात में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

तीन दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा

उत्तर बिहार के समस्तीपुर, वैशाली, बेगूसराय, सारण, सिवान, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर जिले में अगले तीन दिनों तक कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर मध्यम वर्षा भी हो सकती है। इसके बाद इन जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर और चंपारण में अगले तीन दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इसके बाद भारी वर्षा की संभावना है। यह कहना है डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम विभाग का। 29 जून तक के लिए जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 34 और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सापेक्ष आद्र्रता सुबह में 80 से 90 प्रतिशत और दोपहर में 60 से 65 प्रतिशत रहने की संभावना है। औसतन 15 से 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चलने का अनुमान है। शुक्रवार का अधिकतम तापमान 36.2 और न्यूनतम तापमान 26. 5 डिग्री सेल्सियस रहा। 

किसानों के लिए सुझाव

हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना को देखते हुए किसान मक्का के दाने को सुखाने का काम सावधानीपूर्वक करें। खड़ी फसलों में कीटनाशक दवाओं के छिड़काव में सतर्कता बरतें। धान का बिचड़ा नर्सरी में गिराने का कार्य यथाशीघ्र करें। धान की अगात किस्में -प्रभात, धनलक्ष्मी, रिछारिया, साकेत-4, राजेंद्र भगवती, राजेंद्र नीलम और मध्यम अवधि की किस्में -संतोष, सीता, सरोज, राजेंद्र सुवासनी, राजेंद्र कस्तूरी, कामिनी, सुगंधा उत्तर बिहार के लिए अनुशंसित है। 12 से 14 दिनों के बिचड़े वाली नर्सरी से खर-पतवार निकालें।  

Edited By: Ajit Kumar