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मुजफ्फरपुर में एक माह से 500 परिवारों को नहीं मिल रहा पानी, फटी पाइपलाइन नहीं हुई ठीक

Published: Mon, 07 Sep 2026 02:15 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के सकरा में पीएचईडी की नल-जल योजना की मुख्य पाइपलाइन फटने से करीब 500 परिवार एक महीने से पानी ...और पढ़ें

नल-जल योजना ठप होने के बाद सड़क पर उतरे स्थानीय लोग।

नल-जल योजना ठप होने के बाद सड़क पर उतरे स्थानीय लोग।

HighLights

  1. मुख्य पाइपलाइन फटने से एक माह से जलापूर्ति ठप।

  2. मुजफ्फरपुर में 500 परिवार पानी के लिए परेशान।

  3. ग्रामीणों ने पीएचईडी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

संवाद सहयोगी, सकरा (मुजफ्फरपुर)। घर के नलों से पानी आने का इंतजार करते-करते एक माह गुजर गया, लेकिन ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई है। पानी की टंकी मौजूद है, पाइपलाइन भी बिछी है, फिर भी करीब 500 परिवारों की प्यास नहीं बुझ रही।

मुख्य पाइपलाइन फटने के कारण विशुनपुर बघनगरी पंचायत में पीएचईडी की नल-जल योजना करीब एक महीने से ठप है। परेशान ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग पानी टंकी परिसर पहुंचे और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।

एक माह से बंद है नल-जल

ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद से घरों में पानी की आपूर्ति बंद है। डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी होने के बावजूद इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। इससे लोगों को पीने के पानी के साथ घरेलू कार्यों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई मरम्मत

ग्रामीण सोनू कुमार ने बताया कि करीब 10 दिन पहले पीएचईडी के जेई और सहयोग पोर्टल पर शिकायत की गई थी। इसके बाद भी पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हो सकी। आनंद कुमार, विशाल कुमार, शिवम कुमार, पुतुल देवी, नीता देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से पानी नहीं मिलने के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

घरेलू कामकाज भी प्रभावित

पुतुल देवी और नीता देवी ने बताया कि नल से पानी नहीं आने के कारण घर के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। गर्मी और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच नल-जल योजना का बंद रहना लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।

अधिकारियों से कई बार लगाई गुहार

मुखिया बबिता कुमारी ने बताया कि पाइपलाइन की मरम्मत के लिए जेई से लेकर कार्यपालक पदाधिकारी तक से बात की गई है। शिकायत के बाद पीएचईडी के एसडीओ ने स्थल का निरीक्षण भी किया, फिर भी अब तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर नल-जल योजना शुरू कराने की मांग की है, ताकि 500 परिवारों को राहत मिल सके।

संबंधित संवेदक के एग्रीमेंट की अवधि समाप्त हो गई है। नए एग्रीमेंट के लिए टेंडर की प्रक्रिया होने वाली है। विभागीय स्तर से पाइपलाइन की मरम्मत के लिए पत्र भेजा गया है। आदेश मिलते ही मरम्मत कराते हुए जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
राहुल कुमार, जेई, पीएचईडी