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मतलब डरते ही नहीं: ब्रह्मपुरा मौजे की जमाबंदी पंजी फाड़ने में मुशहरी के निलंबित CO और RO पर FIR

Published: Thu, 15 Oct 2026 01:35 PM (IST)

Jamabandi Register Torn FIR: मुजफ्फरपुर के मुशहरी अंचल में ब्रह्मपुरा मौजे की ऑफलाइन जमाबंदी पंजी फाड़कर गायब करने के गंभीर ...और पढ़ें

यह कार्रवाई कांटी क्षेत्र के रहने वाले मो. तौसिफ रजा के आवेदन के आधार पर की गई है।

यह कार्रवाई कांटी क्षेत्र के रहने वाले मो. तौसिफ रजा के आवेदन के आधार पर की गई है।

HighLights

  1. मुशहरी में ब्रह्मपुरा मौजे की जमाबंदी पंजी गायब।

  2. निलंबित CO, RO और राजस्व कर्मचारी पर FIR दर्ज।

  3. पीड़ित दो साल से दाखिल-खारिज के लिए परेशान था।

संवाद सहयोगी, मुशहरी (मुजफ्फरपुर)। Mushahari CO RO Suspended: जिले के मुशहरी अंचल में प्रशासनिक लापरवाही और मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ब्रह्मपुरा मौजे के रजिस्टर टू में स्थित ऑफलाइन जमाबंदी पंजी को फाड़कर गायब कर दिया गया।

इस गंभीर मामले में एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए मुशहरी थाना में निलंबित अंचलाधिकारी (CO) महेंद्र कुमार शुक्ला, राजस्व अधिकारी (RO) करण करुण और राजस्व कर्मचारी एकता सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई कांटी क्षेत्र के रहने वाले मो. तौसिफ रजा के आवेदन के आधार पर की गई है।

दो साल से चक्कर लगा रहा 

आवेदक तौसिफ रजा पिछले करीब दो वर्षों से अपनी जमीन के दाखिल-खारिज (Mutation) और जमाबंदी से जुड़े कार्यों के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहा था।

वह लगातार अधिकारियों से ऑफलाइन एवं ऑनलाइन जमाबंदी कायम करने की मांग कर रहा था, लेकिन इन अधिकारियों और कर्मियों की मिलीभगत से न तो उसकी जमाबंदी जोड़ी गई और उल्टा रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर पंजी ही फाड़ दी गई।

इस पूरे मामले की पुष्टि एसडीपीओ पूर्वी 2 मनोज कुमार सिंह ने की है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन छानबीन और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

जिले में लगातार प्रशासनिक कार्रवाई

गौरतलब है कि हाल के दिनों में मुजफ्फरपुर जिले में भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। इससे पहले मंगलवार को सदर थाना में निलंबित सीओ, आरओ और राजस्व कर्मचारी विकास कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

वहीं, अहियापुर थाना क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की 70 डिसमिल जमीन के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज करने के मामले में भी सीओ और आरओ पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है, हालांकि वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

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