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मिट्टी की जांच से खाद का सही इस्तेमाल, मुजफ्फरपुर में लक्ष्य से पीछे चल रहे 16 प्रखंड

Published: Tue, 20 Oct 2026 05:11 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में मिट्टी जांच अभियान लक्ष्य से पीछे चल रहा है, जिससे 16 प्रखंडों में नमूना संग्रह और मृदा स्वास्थ्य ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर के 16 प्रखंड मिट्टी जांच लक्ष्य में पिछड़ रहे हैं।

  2. मिट्टी नमूना संग्रह में 79.84 प्रतिशत भौतिक उपलब्धि दर्ज की गई।

  3. जिला कृषि पदाधिकारी ने धीमी प्रगति पर रिपोर्ट तलब की है।

अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। किसानों के खेतों की मिट्टी की सेहत जांचने के अभियान में जिले के कई प्रखंड पिछड़ रहे हैं। जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार, 16 प्रखंडों में मिट्टी नमूना संग्रह का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।

जिले में 4494 नमूने संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। आनलाइन पोर्टल पर सभी 4494 नमूने संग्रहित दिखाए गए हैं, लेकिन प्रयोगशाला में भौतिक रूप से केवल 3593 नमूने ही पहुंचे हैं।

इस तरह प्रयोगशाला में नमूने प्राप्त होने की उपलब्धि 79.84 प्रतिशत रही है। प्रयोगशाला में अब तक 2114 नमूनों का विश्लेषण किया जा चुका है। इसके आधार पर 1930 मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार किए गए हैं, जिनमें से 1878 कार्ड किसानों के बीच वितरित कर दिए गए हैं। अभी करीब 52 तैयार कार्डों का वितरण लंबित है।

तीन प्रखंडों का प्रदर्शन शत-प्रतिशत

नमूना जमा करने में मुशहरी, मुरौल और कटरा ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। मुशहरी में 276, मुरौल में 106 और कटरा में 253 नमूने लक्ष्य के अनुरूप प्रयोगशाला पहुंचे। वहीं, मीनापुर में 330 के लक्ष्य के विरुद्ध 314 और गायघाट में 270 के विरुद्ध 253 नमूने जमा हुए।

मड़वन की स्थिति सबसे खराब

नमूना संग्रह में मड़वन सबसे पीछे है। यहां 164 के लक्ष्य के विरुद्ध महज 77 नमूने ही प्रयोगशाला पहुंचे। साहेबगंज में 258 में से 154 और पारू में 400 में से 240 नमूने जमा हुए।

कुढनी में उपलब्धि 69.65 प्रतिशत और सरैया में 69.57 प्रतिशत रही। मोतीपुर में 387 के लक्ष्य के विरुद्ध 329, सकरा में 330 के विरुद्ध 278, औराई में 305 के विरुद्ध 258 और बोचहां में 230 के विरुद्ध 195 नमूने प्राप्त हुए।

जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने बताया कि प्रयोगशाला में नमूनों की जांच की प्रक्रिया जारी है। जिन प्रखंडों में उपलब्धि कम रही है, वहां के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। नमूनों की जांच पूरी कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

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