मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत दाउदपुर कोठी के पास बनने वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) जमीन पर लोगों की निजी दावेदारी के कारण अटक गया है। स्मार्ट सिटी के एडीबी एरिया में 278.39 करोड़ की लागत सीवरेज व स्ट्राम वाटर ड्रेनेज प्लान पर काम चल रहा है। दाउदपुर कोठी स्थित पीएचईडी एवं स्वास्थ्य विभाग की 3.11 एकड़ जमीन पर बनने वाला एसटीपी इसी प्लान का हिस्सा है। स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा चयनित एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है।

एसटीपी निर्माण को जमीन की मापी के लिए जब नगर निगम के अमीन वहां पहुंचे और मापी का काम शुरू किया तो कई लोग जमीन का दस्तावेज लेकर वहां पहुंच गए और जमीन पर अपना दावा ठोक दिया। इसके कारण जमीन की मापी का कार्य नहीं हो पाया। काफी भाग-दौड़ के बाद एसटीपी के लिए इस जमीन का चयन किया गया था। स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ भूदेव चक्रवर्ती ने कहा कि इस बारे में जानकारी मिली है। कोरोना संक्रमण का शिकार होने के कारण कोलकाता में हूं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी ले रहा हूं। कोई बाधा है तो उसे अधिकारियों से बात करके दूर किया जाएगा। 

सरकारी जमीन से हटाया गया अतिक्रमण

मड़वन (मुजफ्फरपुर), संस : करजा थाना क्षेत्र के बहोरा में सीओ सतीश कुमार की देखरेख में सड़क से अतिक्रमण खाली कराया गया। सीओ ने बताया कि बीसीबीडी कालेज द्वारा सरकारी जमीन पर चहारदीवारी निर्माण कर अतिक्रमित किया गया था, जिसे शुक्रवार को खाली कराया गया। उन्होंने बताया कि उक्त सड़क बहौरा मौजा में है। ग्रामीण शिवेंद्र ओझा, विमल ओझा आदि द्वारा उक्त जमीन पर अतिक्रमण करने की शिकायत की गई थी। उक्त मामले की पिछले एक साल से सीओ के कार्यालय में अतिक्रमणवाद व एसडीओ पश्चिमी के लोक शिकायत में मामला चल रहा था। वहां से आए आदेश के आलोक में अतिक्रमण को खाली कराया गया। मौके पर कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा अरशद जमाल, प्रभारी अंचल निरीक्षक, करजा थानाध्यक्ष, सरकारी अमीन, राजस्व कर्मचारी व पुलिस बल मौजूद थे।

Edited By: Ajit Kumar