मुजफ्फरपुर के सादपुरा में आरओबी बनने का रास्ता साफ, जाम में फंसने की परेशानी से मिलेगी राहत
मुजफ्फरपुर के सादपुरा में आरओबी निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर के सादपुरा रेलवे गुमटी। जागरण
HighLights
सादपुरा आरओबी निर्माण प्रक्रिया फिर से हुई तेज।
भूमि अधिग्रहण पर आरओबी लागत से दोगुनी राशि।
मुजफ्फरपुर को भीषण रेलवे फाटक जाम से मुक्ति।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। सादपुरा में प्रस्तावित आरओबी निर्माण की प्रक्रिया फिर से तेज हो गई है। तीन दिन पूर्व जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रारंभिक अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है।
अब सामाजिक प्रभाव का आकलन किया जाएगा। इस आरओबी के निर्माण की लागत करीब 48 करोड़ रुपये है। जबकि भूमि अधिग्रहण पर 90-95 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यानी आरओबी की लागत से दोगुनी राशि भूमि अधिग्रहण पर खर्च होगी। इसी कारण से करीब एक साल से यह परियोजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई थी।
शहर को जाम से निजात दिलाने और आवागमन सुचारू रखने को लेकर निर्माण कार्य करने की दिशा में कवायद तेज हो गई है। यहां अधिग्रहण पर इसलिए अधिक राशि खर्च होगी क्योंकि अधिकांश भूखंड व्यवसायिक किस्म की है। इसके अलावा दुकान और मकान भी बने हुए हैं।
इसे तोड़ना पड़ेगा तो जमीन के अलावा इन संरचनाओं का अलग से मूल्यांकन कर मुआवजा देना होगा। इसी कारण से भूमि अधिग्रहण पर अधिक राशि खर्च होगी।
सामाजिक प्रभाव के आकलन में स्थिति और भी स्पष्ट होगी। क्योंकि परियोजना की सुगबूगाहट के साथ ही भूस्वामियों ने विरोध शुरू कर दिया था। मकान व दुकान टूटने के डर से लोग इस परियोजना पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन के साथ 60 दिनों तक फिर से दावा आपत्ति प्राप्त किया जा रहा है। इसके साथ ही वार्ड 31 और 32 में अधिग्रहित होने वाली भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। अधिसूचना अनुसार, वार्ड-31 में 66 रैयतों से 1.1662 एकड़ और वार्ड-32 में 33 रैयतों से 0.1459 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
प्रतिदिन सौ से अधिक ट्रेन व मालगाड़ी गुजरती
इस रेलमार्ग पर प्रतिदिन सौ से अधिक ट्रेन और मालगाड़ी गुजरती है। इससे पांच से सात मिनट के अंतराल पर रेलवे फाटक को बंद करना पड़ता है। हमेशा जाम की भीषण समस्या रहती है। आरओबी बनने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
