मुजफ्फरपुर में शिक्षक से मारपीट के विरोध में निजी स्कूल-कोचिंग बंद, निकाला मार्च
मुजफ्फरपुर में एक शिक्षक के साथ मारपीट के विरोध में निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई ठप रही। इंडियन ...और पढ़ें

शिक्षक पर हमले के विरोध में शिक्षकों ने निकाला मार्च।
HighLights
शिक्षक पर हमले के विरोध में पढ़ाई ठप रही।
99% निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों ने समर्थन किया।
शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए मार्च निकाला गया।
संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। मीनापुर के एक विद्यालय में अभिभावक द्वारा शिक्षक के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में बुधवार को जिले के निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई ठप रही।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स के आह्वान पर आयोजित बंदी में बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थानों ने सहभागिता की। शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर मीनापुर में मार्च भी निकाला गया।
99 प्रतिशत संस्थानों ने किया समर्थन
इंडियन एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स के वाइस प्रेसिडेंट राकेश सम्राट ने बंदी को सफल बताते हुए दावा किया कि जिले के करीब 99 प्रतिशत निजी विद्यालयों ने इसका समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक के साथ मारपीट की घटना केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और गरिमा से जुड़ा विषय है।
मीनापुर में निकाला मार्च
बंदी के समर्थन में मीनापुर में मार्च निकाला गया। इसमें मुजफ्फरपुर शहर के अलावा औराई, बोचहां, गायघाट, मीनापुर, पारू, सरैया, मड़वन, सकरा और कुढ़नी समेत विभिन्न प्रखंडों के विद्यालय निदेशक, प्राचार्य और शिक्षक शामिल हुए। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी मार्च में भाग लेकर शिक्षकों के सम्मान के पक्ष में अपनी आवाज उठाई।
अभिभावकों से सहयोग की अपील
मार्च में शामिल अभिभावकों ने कहा कि अधिकांश अभिभावक विद्यालय और शिक्षकों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार रखते हैं। कुछ लोगों की अनुशासनहीनता के कारण सभी अभिभावकों या विद्यार्थियों को गलत नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। एसोसिएशन ने भी अभिभावकों से किसी शिकायत की स्थिति में विद्यालय प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों के समक्ष बात रखने की अपील की।
सुरक्षित माहौल की मांग
राकेश सम्राट ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था तभी बेहतर रह सकती है, जब शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और विद्यालय प्रबंधन के बीच सम्मान और विश्वास बना रहे।
शिक्षक के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने प्रशासन से ऐसी घटनाओं में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि शिक्षकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
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