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मुजफ्फरपुर पुलिस वेतन घोटाले में महिला सिपाही बेबी कुमारी दोषी करार, 16 साल पुराने मामले में 26 को सजा पर सुनवाई

Published: Mon, 05 Oct 2026 08:34 PM (IST)

Muzaffarpur Police Salary Scam: मुजफ्फरपुर पुलिस वेतन घोटाले में महिला सिपाही बेबी कुमारी को दोषी करार दिया गया है। यह ...और पढ़ें

दोषी करार दिए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है!

दोषी करार दिए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है!  

HighLights

  1. महिला सिपाही बेबी कुमारी मुजफ्फरपुर वेतन घोटाले में दोषी।

  2. पुलिसकर्मियों के वेतन और एरियर की करोड़ों की हेरफेर।

  3. 26 अक्टूबर को अदालत में सजा पर सुनवाई होगी।

आकाश कुमार, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Police Salary Scam: जिला बल के पुलिसकर्मियों के खाते में भेजी जाने वाली राशि में हेरफेर कर एसीपी, वेतन और एरियर के करोड़ों रुपये दूसरे खातों में भेजने के मामले में महिला सिपाही बेबी कुमारी को दोषी करार दिया गया है।

करीब 16 वर्ष पुराने इस मामले में विशेष निगरानी कोर्ट-दो (उत्तर बिहार) के न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर ने सत्र-विचारण के बाद लखीसराय निवासी बेबी कुमारी को दोषी ठहराया।

दोषी करार दिए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और अदालत 26 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी।

2010 में दर्ज हुई प्राथमिकी

विशेष लोक अभियोजक (निगरानी) कृष्णदेव साह के अनुसार, एक अक्टूबर 2010 को तत्कालीन डीएसपी हेडक्वार्टर ने नगर थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

वर्ष 2006 से 2010 के बीच हुए इस घोटाले में एसएसपी कार्यालय के तत्कालीन एकाउंटेंट सुशील कुमार चौधरी की मुख्य भूमिका बताई गई थी।

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आरोप है कि अधिकारियों के दस्तखत के बाद बैंक के बाहरी कर्मी से वेतन बिल की सीडी बनवाते समय सुशील पुलिसकर्मियों के नाम सही रखता था, लेकिन उनके खाता नंबर बदल देता था।

इस हेरफेर के जरिए पुलिसकर्मियों के वेतन और अन्य मद की राशि अपनी पत्नी, पुत्री, महिला सिपाही शकुंतला कुमारी और बेबी कुमारी के खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी।

सुशील के रहन-सहन और अचानक अधिक रुपये होने पर किसी को शक हुआ तो बैंक मैनेजर को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद बैंक मैनेजर ने जांच कर गोपनीय पत्र के माध्यम से तत्कालीन एसएसपी को मामले की जानकारी दी।

छापेमारी में मिले लाखों रुपये

मामला सामने आने के बाद आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। पुलिस को घरों में बेड के नीचे और रसोईघर में हल्दी व धनिया के डिब्बों तक में छिपाकर रखे लाखों रुपये मिले। आरोप है कि संबंधित लोग प्रतिदिन एटीएम से नकदी निकालकर उसे घर में छिपाते थे।

छापेमारी के दौरान शकुंतला कुमारी के घर से 53 लाख, बेबी कुमारी के घर से 2.40 लाख और सुशील कुमार चौधरी के पास से 84 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा भारी मात्रा में जेवरात और जमीन में निवेश से संबंधित कागजात भी जब्त किए गए थे।

बेबी के खाते में भेजे 17 लाख

बाद में न्यायालय के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की जांच अपने हाथ में ली। जांच में सामने आया कि बेबी कुमारी के खाते में 17 लाख रुपये, जबकि सुशील कुमार चौधरी और शकुंतला कुमारी के खातों में तीन-तीन करोड़ रुपये भेजे गए थे।

इस मामले में मुख्य आरोपित सुशील कुमार चौधरी और शकुंतला कुमारी के विरुद्ध अलग से सेशन ट्रायल चल रहा है।

वहीं, बेबी कुमारी को दोषी करार दिए जाने के बाद अब 26 अक्टूबर को अदालत में उसकी सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।