मुजफ्फरपुर की पुलिस सुरक्षा में बदलाव: अहियापुर थाना क्षेत्र का होगा पुनर्गठन, झपहा और बैरिया बनेंगे नए थाने
मुजफ्फरपुर पुलिस ने बढ़ती आबादी और अपराध पर नियंत्रण के लिए अहियापुर थाना क्षेत्र को पुनर्गठित करने का मास्टर प्लान ...और पढ़ें

वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा। फोटो जागरण
HighLights
अहियापुर थाना क्षेत्र को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा।
झपहा और बैरिया दो नए पुलिस थाने बनेंगे।
पुलिस गश्त बढ़ेगी, अपराध पर शिकंजा कसेगा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिले में तेजी से बढ़ती आबादी और बढ़ते अपराध ग्राफ पर लगाम लगाने के लिए पुलिस महकमे ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की दिशा में जिला पुलिस ने अहियापुर का सुरक्षा भूगोल बदलने का निर्माण लिया है।
अहियापुर थाना इलाके को तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में विभाजित करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए पुलिस मुख्यालय भेजा जा रहा है। मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा है कि पुलिस के इस ऐतिहासिक कदम के बाद अहियापुर थाना क्षेत्र की पूरी भौगोलिक सीमा बदल जाएगी। इससे न सिर्फ पुलिस का प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम जनता को भी त्वरित और बेहतर पुलिसिंग का सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यालय भेजे जा रहे प्रस्ताव के मुताबिक, वर्तमान अहियापुर थाने के विशाल कार्यक्षेत्र को छोटा और सुगम बनाने के लिए इसे तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। अहियापुर थाने के इलाके को काटकर दो नए थाने अस्तित्व में आएंगे।
ग्रामीण और संवेदनशील सीमाई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए झपहा थाना खोला जाएगा। साथ ही बस स्टैंड और व्यवसायिक रूप से व्यस्त रहने वाले शहरी क्षेत्र पर पैनी नजर रखे जाने के लिए बैरिया थाना खुलेगा।
फिलहाल दोनों टीओपी है। इस पुनर्गठन के बाद, वर्तमान अहियापुर का पूरा इलाका कुल तीन थाना जैसे अहियापुर, झपहा और बैरिया में तब्दील हो जाएगा।
अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, बढ़ेगी गश्त
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, इस विभाजन का मुख्य उद्देश्य शहरी और उप-शहरी इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाना है। थाना क्षेत्र का दायरा सीमित होने से:पुलिस की पैंथर्स और मोबाइल गश्त (पेट्रोलिंग) में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी।
अपराधियों और संदिग्ध तत्वों की हर गतिविधि पर तीसरी आंख की तरह नजर रखी जा सकेगी। किसी भी आपातकालीन स्थिति या अपराध की सूचना पर पुलिस रिस्पान्स टाइम काफी कम हो जाएगा।
स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की है और माना है कि लंबे समय से इस बड़े क्षेत्र में थानों के बंटवारे की जरूरत महसूस की जा रही थी।
यह भी पढ़ें- पटना में मुंह में कपड़ा भरकर बुजुर्ग महिला को बनाया बंधक, एक करोड़ की संपत्ति ले गए अपराधी
