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मुजफ्फरपुर में धान खरीद की राशि दबाने वाले पैक्स अध्यक्ष और सचिव पर FIR, 32 डिफॉल्टर पैक्स रडार पर

Published: Sat, 24 Oct 2026 07:07 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में धान खरीद के बाद सरकारी राशि का गबन करने वाले पैक्सों पर सहकारिता विभाग ने शिकंजा कसा है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. धान खरीद राशि गबन पर मुजफ्फरपुर में पैक्सों पर कार्रवाई।

  2. किशुनपुर मोहिनी पैक्स अध्यक्ष, सचिव पर 41 लाख बकाया पर FIR।

  3. आठ अन्य बड़े डिफॉल्टर पैक्सों पर भी जल्द होगी FIR।

अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur PACS News: धान खरीद के बाद सरकारी राशि का गबन और समय पर पैसे नहीं जमा करने वाले पैक्सों के खिलाफ सहकारिता विभाग ने शिकंजा कस दिया है।

द मुजफ्फरपुर सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक ने जिले के 32 डिफॉल्टर पैक्सों की सूची तैयार की है, जिन पर मूलधन और ब्याज के रूप में करोड़ों रुपये बकाया हैं।

इस कड़ी में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए कुढ़नी प्रखंड के किशुनपुर मोहिनी पैक्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

किशुनपुर मोहिनी पैक्स पर कार्रवाई

खरीफ वर्ष 2023-24 के दौरान 41 लाख पांच हजार 420 रुपये बकाया रखने के मामले में तत्कालीन पैक्स अध्यक्ष विपिन कुमार और सचिव राजीव कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

बैंक के प्रबंध निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि अगले एक सप्ताह के भीतर आठ अन्य बड़े बकायेदार पैक्सों के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इन पर कुल दो करोड़ 13 लाख 38 हजार रुपये से अधिक की राशि बकाया है।

इन बड़े बकायेदारों पर जल्द गिरेगी गाज

एमडी संतोष कुमार ने बताया कि जिन आठ बड़े डिफॉल्टर पैक्सों पर जल्द एफआईआर दर्ज होगी, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • मीनापुर का पैगंबरपुर पैक्स: 64 लाख 71 हजार रुपये
  • सकरा का ईंटहा रसूलपुर पैक्स: 48 लाख 52 हजार रुपये
  • पारू का देवरिया पश्चिमी पैक्स: 31 लाख रुपये
  • मुशहरी का सरफुद्दीनपुर पैक्स: 28 लाख 74 हजार रुपये

इसके अलावा मड़वन, कुढ़नी और साहेबगंज के अन्य पैक्स भी सूची में शामिल हैं।

कार्रवाई की जद में कुल 32 पैक्स

विभाग की सख्ती से जिले के कुल 32 पैक्स कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। इनमें साहेबगंज, मोतीपुर, पारू, सरैया, मड़वन, कांटी, मीनापुर, बोचहां, औराई, मुरौल, मुशहरी, कुढ़नी और सकरा प्रखंडों के कई पैक्स शामिल हैं, जिन पर बकाए को लेकर निगरानी रखी जा रही है।

एकमुश्त जमा योजना का विकल्प

बैंक के प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया है कि बकायेदारों पर नीलामवाद और प्राथमिकी की कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

इसके साथ ही, बकायेदार पैक्स अक्टूबर से मार्च तक चलने वाली 'एकमुश्त जमा योजना' (One Time Settlement Scheme) का लाभ उठा सकते हैं, जिसके तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राहत देने का भी प्रावधान है।

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बकायेदारों पर नीलामवाद, प्राथमिकी की कार्रवाई चल रही है। इसके साथ बकायेदार पैक्स अक्टूबर से मार्च तक चलने वाली एकमुश्त जमा योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राहत दी जाएगी।

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संतोष कुमार, प्रबंध निदेशक, द मुजफ्फरपुर सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक