विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Muzaffarpur: कृषि विभाग की जमीन के दाखिल-खारिज को रद करने की प्रक्रिया शुरू, 44 डिसमिल भूमि का मामला

Published: Tue, 09 Sep 2025 09:16 AM (IST)

मुजफ्फरपुर के कांटी में कृषि विभाग की जमीन के दाखिल-खारिज को रद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अनुमंडल ...और पढ़ें

कृषि विभाग की जमीन के दाखिल-खारिज को रद करने की प्रक्रिया शुरू
कृषि विभाग की जमीन के दाखिल-खारिज को रद करने की प्रक्रिया शुरू

HighLights

  1. कांटी में कृषि भूमि का दाखिल-खारिज रद
  2. सीओ के आदेश के खिलाफ अपील दायर
  3. जांच के बाद सीओ निलंबित

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। कांटी में कृषि विभाग की जमीन के दाखिल-खारिज को रद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कांटी सीओ के आदेश के विरुद्ध अनुमंडल कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार ने डीसीएलआर पश्चिमी के कोर्ट में अपीलवाद दायर किया है।

इसकी सुनवाई शुरू हो गई है। इसके बाद एडीएम के यहां जमाबंदी रद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

विदित हो कि खतियान में दर्ज बीज विस्तार प्रदेश की जमीन में से 44 डिसमिल का निबंधन पांच नवंबर, 2024 को जिला अवर निबंधन कार्यालय से कर दिया गया। सब जज पश्चिमी के एक कोर्ट के आदेश पर जमीन का निबंधन किया गया।

सीतामढ़ी निवासी नवीन कुमार ने मोतीपुर के दीपक कुमार व कांटी निवासी गौरव कुमार को जमीन बेच दी। जमीन बिक्री के बाद इसके दाखिल-खारिज को लेकर कांटी अंचल कार्यालय में आवेदन दिया गया।

तत्कालीन सीओ ने सभी बिंदुओं पर विचार के बाद जमीन के दाखिल-खारिज की स्वीकृति दी। सरकार के नाम से जमीन होने, क्रेता या विक्रेता का दखल-कब्जा नहीं होने, कर्मचारी व राजस्व अधिकारी की आवेदन को खारिज करने की अनुशंसा के बाद भी बिक्री की गई जमीन का दाखिल-खारिज होने के बाद सवाल उठे।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मामले में जांच के साथ कार्रवाई का आदेश दिया। जांच के बाद डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कांटी की सीओ रिशिका कुमारी पर कार्रवाई की अनुशंसा कर दी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सीओ को तीन सितंबर को निलंबित करने का आदेश दिया।