'मेरे रस्के कमर...' पर झूमा साहेबगंज, मां मनसा देवी महोत्सव में चमके गायक सलमान अली
Bihar Cultural Event 2026: मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में तीन दिवसीय मां मनसा देवी महोत्सव का समापन मुंबई के गायक सलमान ...और पढ़ें

दर्शक देर रात तक अपनी जगहों पर डटे रहे और संगीत की इस महफिल का आनंद लेते रहे।
संवाद सहयोगी, साहेबगंज (मुजफ्फरपुर)। Salman Ali Singer Mansa Devi Mahotsav Sahebganj: जिले के साहेबगंज में आयोजित तीन दिवसीय मां मनसा देवी महोत्सव का समापन बेहद ही सुरीले और यादगार अंदाज में हुआ।
महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन मुंबई से आए मशहूर पार्श्व गायक सलमान अली और बिहार के जमुई से पहुंचे गायक चांद जी ने अपनी जादुई प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल झूम उठा। दोनों कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट गीतों की बौछार कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
'मेरे रस्के कमर' और 'सांसों की माला'
महोत्सव के अंतिम दिन मंच पर जैसे ही गायक सलमान अली ने अपनी दमदार आवाज में "सांसों की माला पे सिमरू मैं सीता राम", "मेरे रस्के कमर" और "बेचारा ये दिल मेरा" जैसे लोकप्रिय गीत गाए, पूरा परिसर तालियों और सीटियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कलाकारों की सुरीली धुनों और शानदार गायकी ने अंतिम दिन के आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। दर्शक देर रात तक अपनी जगहों पर डटे रहे और संगीत की इस महफिल का आनंद लेते रहे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
भव्य आयोजन को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। कार्यक्रम के दौरान सरैया एसडीपीओ अभिजीत कौर, साहेबगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार और सीआई कुणाल पुलिस बल के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

इस दौरान एसडीपीओ अभिजीत कौर ने भी कुछ देर रुककर गायक सलमान अली के सुरीले गीतों का आनंद लिया।
दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी
तीन दिनों तक चले इस धार्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में स्थानीय विधायक डॉ. राजू कुमार सिंह राजू, विधायक प्रतिनिधि सोनू सिंह, रामनरेश मालाकार, प्रमुख पूजा सिंह, विकेश कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष चंदन सिंह, मुखिया जितेंद्र भगत, रंजन सिंह, बुंदेल पासवान, जदयू नगर अध्यक्ष मुरारी मिश्रा, माधव मिश्रा, भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक गुप्ता, श्रवण अग्रवाल और लक्ष्य चौधरी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मां मनसा देवी के जयकारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अनूठे संगम के साथ संपन्न हुए इस महोत्सव की गूंज पूरे बिहार में रही।
